कोटा में जेके सिंथेटिक गेट पर स्थित शहीद स्मारक पर सोमवार को 54वां शहीद दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में सीटू प्रदेश अध्यक्ष भंवर सिंह शेखावत मुख्य अतिथि रहे। इस अवसर पर शहीद नौलख चंद की 103 वर्षीय मां भी अपने बेटे को श्रद्धांजलि देने पहुंचीं। 1969 में बोनस की 20% सीमा को बढ़ाने के लिए हुए आंदोलन में 8 मजदूर शहीद हुए थे। तत्कालीन कांग्रेस सरकार और जेके सिंथेटिक कंपनी प्रबंधन की मिलीभगत से पुलिस ने मजदूरों पर गोलियां चलाई थीं। इस गोलीकांड में घनश्याम (20), मदनलाल (20), नौलख चंद (20), दौलतपुरा (21), लालचंद (21), लालाराम (21), मनन (24) और रामनारायण (25) शहीद हो गए थे। इस घटना के बाद देशभर में मजदूरों को 20% से अधिक बोनस मिलना शुरू हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत जेके कारखाने के नेता कामरेड हबीब खान द्वारा झंडारोहण से हुई। किसान सभा के वरिष्ठ नेता और राज्य सचिव मंडल सदस्य दुलीचंद मीणा ने देश की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डाला। समारोह में जेके की तीनों कारखानों की यूनियनों के प्रतिनिधि, राजस्थान रोडवेज वर्कर्स यूनियन, परमाणु ऊर्जा बिजली यूनियन और जनवादी महिला समिति के नेता मौजूद रहे। शहीद स्मारक को फूलों से सजाया गया और सभी ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।


