जिला प्रशासन के अधीन आते सब रजिस्ट्रार वेस्ट कार्यालय में मिलीभगत के चलते फर्जी कागजों के आधार पर करोड़ों रुपए की जमीन की रजिस्ट्री करवा दी गई है। इस खुलासे के बाद जब डिप्टी कमिश्नर ने जांच करवाई तो इसमें दोषी नंबरदार को पाया गया और उसे सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। बता दें कि इस मामले को लेकर जांच की गई, जिसमें बताया गया कि सब रजिस्ट्रार वेस्ट की तरफ से 21 फरवरी 2025 को एक रिपोर्ट भेजी गई थी। इसे जांचने के बाद पाया गया कि एक वसीके को 11 फरवरी 2025 को दीप सिंह निवासी दशमेश नगर मुल्लांपुर की तरफ से दीपक गोयल के हक में रजिस्टर करवाया गया है। उस वसीके के बारे में खरीदार दीपक गोयल ने 13 फरवरी 2025 को शिकायत के जरिए रजिस्ट्रार वेस्ट को बताया कि उक्त वसीके में बेचने वाली पार्टी एक जाली व्यक्ति है। उसने शिकायतकर्ता के नाम पर जाली रजिस्ट्री करवाई है। इसमें नंबरदार की भूमिका भी सामने आई। नंबरदार ने नियमों के विपरीत गवाही दी वसीके की जांच के दौरान पाया गया कि वसीके में पहली पार्टी की शिनाख्त बतौर गवाह बघेल सिंह नंबरदार गांव दाद की तरफ से की गई है और उसने भी की गई पहचान के बारे में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। इस तरह नंबरदार ने नंबरदारी नियमों के खिलाफ जाकर गांव नूरपुर बेट के मामले में गवाही दी और एक व्यक्ति की सही पहचान न करते हुए लापरवाही की है। इस कारण जिला रेवेन्यू अफसर ने भी 21 फरवरी 2025 के जरिए नंबरदार बघेल सिंह के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की सिफारिश कर दी। वहीं, रिपोर्ट जांचने के बाद डिप्टी कमिश्नर जतिंदर जोरवाल ने नंबरदार बघेल सिंह को सस्पेंड करते हुए उसके खिलाफ अन्य नियमों के अनुसार कानूनी कार्रवाई करने के लिए भी नोटिस जारी कर दिया है। वहीं इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। अगर इसमें किसी अन्य की भी मिलीभगत सामने आई तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।


