जालंधर में ट्रेड डील और एआई पर डीसी को ज्ञापन:परगट सिंह समेत कांग्रेस नेताओं ने किया प्रर्दशन,24 को भोपाल में राहुल करेंगे किसान चौपाल

भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया व्यापार समझौते को लेकर देश में राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस ने इस डील को ‘किसान विरोधी’ करार देते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जहां जालंधर में कांग्रेस विधायक परगट सिंह के नेतृत्व में नेताओं ने डीसी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया, वहीं 24 फरवरी को राहुल गांधी मध्य प्रदेश के भोपाल में किसान चौपाल के जरिए देशभर के किसानों को लामबंद करने की तैयारी में हैं। आज जालंधर में ट्रेड डील और AI के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक परगट सिंह, पूर्व विधायक राजिंदर बेरी और पार्षद शैरी चड्ढा सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यालय पहुंचे। नेताओं ने इस डील के विरोध में डीसी को एक मांग पत्र सौंपा। प्रधानमंत्री ने किया सरेंडर प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बात करते हुए विधायक परगट सिंह ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते के मामले में घुटने टेक दिए हैं। परगट सिंह का दावा है कि इस यूएस डील की जो शर्तें सामने आई हैं, वे भारतीय कृषि क्षेत्र और किसानों को पूरी तरह बर्बाद कर देंगी। टैरिफ रेट को लेकर उठाए सवाल परगट सिंह ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि यूएस डील में 18 प्रतिशत तक टैरिफ रेट तय किया गया था। हालांकि, यूएस सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद इसे 10 प्रतिशत किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने रिकवरी के नाम पर फिर से 5 प्रतिशत टैरिफ बढ़ाकर देश को आर्थिक संकट में डालने की कोशिश की है। AI और चाइनीज रोबोट का मुद्दा व्यापार समझौते के साथ-साथ कांग्रेस ने एआई समिट पर भी सवाल उठाए। परगट सिंह ने कहा कि चीन में बने रोबोट्स को यहां लाकर यह दावा किया जा रहा है कि इन्हें भारतीय यूनिवर्सिटीज में तैयार किया गया है। उन्होंने सरकार की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि हमें अपनी ही डील्स के बारे में अमेरिका के जरिए पता चलता है। भोपाल में राहुल गांधी की ‘किसान चौपाल’ इस विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी 24 फरवरी को भोपाल में एक बड़ा कार्यक्रम करने जा रहे हैं। “किसान चौपाल” नामक इस आयोजन में मध्य प्रदेश भर से हजारों किसानों के जुटने की उम्मीद है। पार्टी का कहना है कि इस मंच से केंद्र की ‘जन-विरोधी’ नीतियों और ट्रेड डील के दुष्प्रभावों पर खुलकर चर्चा की जाएगी।

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