राजस्थान के कोटा से राजगढ़ जिले के भादाहेड़ी गांव का 23 वर्षीय युवक लोकेश दांगी छह दिन से लापता है। लगातार सर्च और रेस्क्यू अभियान के बावजूद अब तक उसका कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। रविवार को भी पूरे दिन कोटा में नहर और आसपास के क्षेत्र में उसकी तलाश जारी रही। युवक के लापता होने के बाद से उसके पिता सहित परिवार के 15 सदस्य कोटा में डेरा डाले हुए हैं। कुछ परिजन रेस्क्यू टीम के साथ नहर किनारे मौजूद हैं, जबकि अन्य पुलिस के साथ हाईवे पर दुकानों, पेट्रोल पंपों और ढाबों पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाल रहे हैं। जांच के दौरान, बायपास स्थित एक पेट्रोल पंप और ‘राजपुताना’ नाम के ढाबे के कैमरों में 17 फरवरी की शाम युवक पैदल जाता दिखाई दिया। फुटेज के अनुसार, लोकेश अपने हॉस्टल से निकलने के बाद करीब 16 किलोमीटर पैदल चला। नहर किनारे मोबाइल, जूते, मोजे मिले
शाम 5 बजकर 52 मिनट पर वह उस स्थान से करीब डेढ़ किलोमीटर आगे हाईवे पर चलता नजर आया, जहां एक दिन बाद 18 फरवरी को नहर किनारे उसका मोबाइल, जूते, मोजे और कैप मिले थे। यह तथ्य अब पूरे मामले को और उलझा रहा है। जिस स्थान से युवक का सामान बरामद हुआ, उससे आगे तक वह पैदल जाता दिखाई दे रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब वह आगे तक गया था, तो सामान डेढ़ किलोमीटर पीछे से कैसे मिला? इस विरोधाभास ने परिजनों की चिंता और बढ़ा दी है। वापसी के लिए राजगढ़ में जोत जलाई जा रही
परिजन अब अपहरण की आशंका भी जता रहे हैं। उनका कहना है कि किसी ने लोकेश का अपहरण तो नहीं कर लिया और फिर गुमराह करने के उद्देश्य से नहर किनारे सामान रख दिया हो। पुलिस अब तक 50 से अधिक कैमरे खंगाल चुकी है। राजस्थान कोटा बोरखेड़ा थाने के टीआई अनिल टेलर का कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है और सर्च अभियान जारी रहेगा। हम दोनों एंगल से युवक की तलाश कर रहे हैं, हो सकता है वह नहर में कूद गया हो, हो सकता है वहां सामान रखकर कहीं निकल गया हो, इधर राजगढ़ जिले के गांव में युवक की सकुशल वापसी के लिए बालाजी मंदिर में स्थाई जोत जलाई गई है। परिवार की निगाहें हर पल किसी अच्छे समाचार की प्रतीक्षा में टिकी हैं।


