डीडवाना के स्थानीय जैन भवन में शांतिदूत आचार्य महाश्रमण के एक दिवसीय प्रवास की सफलता पर ‘आभार प्रकटीकरण एवं सम्मान समारोह’ आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रवास को सफल बनाने में सहयोग देने वाली विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और गणमान्य नागरिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना था। समारोह में केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि शहर के विभिन्न धर्मों और वर्गों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। वक्ताओं ने आचार्यश्री के प्रवास के दौरान अनुभव किए गए आध्यात्मिक वातावरण, उनके मानवतावादी संदेश और सद्भावना के विचारों को साझा किया। उन्होंने इस प्रवास को शहर के लिए प्रेरणादायक बताया। इस अवसर पर, प्रवास की व्यवस्थाओं में सहयोग देने वाली सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। उन्हें दुपट्टा ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर कृतज्ञता व्यक्त की गई।
कार्यक्रम का सफल आयोजन जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, डीडवाना द्वारा किया गया। सभा के पदाधिकारियों ने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रवास शहर की एकता, सेवा भावना और समर्पण का प्रतीक बन गया है।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में आचार्य महाश्रमण के डीडवाना आगमन को शहर के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने यह दर्शाया कि सेवा, श्रद्धा और सद्भाव के लिए पूरा शहर एकजुट हो सकता है। समारोह में बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।


