अलवर जिला कलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला सोमवार को अचानक शहर के मुख्य बाजारों का हाल जानने निकली, तो नालों में कचरा सटा हुआ देख कलेक्टर साहिबा ने नाराजगी जताई। उन्होंने तुरंत अधिकारियों को नालों की सफाई के निर्देश दिए। हालांकि, इस दौरान मुख्य रोड पर सफाई भी देखने को मिली। जिला कलेक्टर ने नयाबास चौराहा, कबीर कॉलोनी, चितावन गली के पास नालियों और नालों की स्थिति देखी। तांगा स्टैंड, मीट मार्केट के पिंक टॉयलेट और एसएमडी सर्किल, ज्योति राव फुले बस स्टैंड, कंट्रोल रूम, होप सर्कस, भगत सिंह, बिजली घर, जेल सर्किल के आसपास के क्षेत्रों सहित शहर के अन्य स्थानों का भी निरीक्षण किया। शहर के नाले कचरे से भरे दरअसल, अलवर शहर के अधिकतर नाले कचरे से भरे हुए हैं। साथ ही शहर के पुराने इलाकों में भी कचरा ज्यादा मिलता है। शहर के मुख्य रोड और बाजारों में पहले की तुलना में सफाई है, लेकिन कच्ची बस्ती, कृषि कॉलोनी, मुख्य बाजारों से दूर संकरी गलियों में कीचड़ फैला रहता है। बुध विहार से लगती कच्ची बस्ती, 60 फीट रोड के आसपास की कच्ची बस्तियों और कृषि कॉलोनियों में भी कचरा ज्यादा है। शहर में सफाई व्यवस्था में पहले से काफी सुधार इस मामले में अलवर नगर निगम कमिश्नर सोहन सिंह का कहना है कि पहले से सफाई में काफी सुधार आया है। इसे कलेक्टर ने भी माना है। उनके निर्देश पर आगे जहां कमी है, उसे दुरुस्त करना है। नालों की सफाई भी बराबर कर रहे हैं। ताकि बारिश के दिनों से पहले पूरे नाले साफ सुथरे हो सकें।


