जिला बार एसोसिएशन मोगा के प्रधान सुखविंदर सिंह सिद्धू ने बताया कि पंजाब की सभी बार एसोसिएशनों ने जॉइंट एक्शन कमेटी, समस्त बार एसोसिएशन पंजाब के बैनर तले राज्यव्यापी हड़ताल का फैसला किया है। यह हड़ताल 27 फरवरी तक जारी रहेगी, जिसके कारण अदालती कामकाज बंद रहेगा। हड़ताल का मुख्य कारण मुफ्त कानूनी सहायता के तहत पंजाब और भारत स्तर पर नियुक्त किए गए लीगल एड डिफेंस काउंसिल हैं। इनकी नियुक्ति नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (नालसा) के माध्यम से की गई है। वकीलों काआरोप है कि इस प्रणाली का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे निजी वकीलों की प्रैक्टिस को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। खुद फंसाओ, खुद बचाओ’ जैसी नीति का दुरुपयोग उनका कहना है कि यह प्रणाली लोगों को न्याय दिलाने के बजाय कई बार उन्हें सजा भुगतने पर मजबूर करती है, और ‘खुद फंसाओ, खुद बचाओ’ जैसी नीति का दुरुपयोग हो रहा है। सुखविंदर सिंह सिद्धू ने कहा कि इससे न केवल वकील समुदाय के रोजगार पर असर पड़ा है, बल्कि उनके सम्मान को भी ठेस पहुंची है। आंदोलन की दी चेतावनी उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस नीति को तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो वकील संघर्ष को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे। इसके साथ ही, बार एसोसिएशन ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा लागू किए गए एक्शन प्लान पर भी आपत्ति जताई है। वकीलों का कहना है कि मामलों को लक्ष्य बनाकर निपटाने की प्रणाली निचली अदालतों पर थोपी गई है, जिससे न्याय की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। वकीलों ने मानसिक परेशानी का लगाया आरोप इस प्रणाली के कारण वकीलों को केस की पैरवी के लिए पूरा समय नहीं मिल पा रहा है, और जज भी इसी दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि एक्शन प्लान के दबाव के कारण वकीलों और जजों में मानसिक और शारीरिक तनाव बढ़ रहा है, जो आने वाले समय में घातक साबित हो सकता है। नियमों को वापस लेने की मांग वकील समुदाय ने एकजुट होकर फैसला लिया है कि जब तक ये नीतियां वापस नहीं ली जातीं, संघर्ष जारी रहेगा। सुखविंदर सिंह सिद्धू ने कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह हड़ताल अनिश्चितकाल के लिए भी बढ़ाई जा सकती है। मोगा बार एसोसिएशन ने पंजाब की सभी बार एसोसिएशनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने का ऐलान किया है।


