हरियाणा के पानीपत जिले की रिफाइनरी में सुरक्षा बलों पर पथराव कर दिया गया। हजारों की संख्या में हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से उस वक्त तनातनी का माहौल बन गया, जब वहां मौजूद सुरक्षा बलों ने कर्मचारियों को एक दायरे में रहकर शांति पूर्वक अपना धरना प्रदर्शन करने की बात कही। इसके बाद अनेकों कर्मचारी लाठी-डंडों से लैस होकर आगे की ओर बढ़ गए। साथ ही उनको बैकअप करते हुए कई श्रमिकों ने सुरक्षाबलों पर पथराव कर दिया। कुछ श्रमिकों ने निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के पास कई गाड़ियों को भी पलट दिया और तोड़फोड़ की। 10 से ज्यादा गाड़ियों को तोड़फोड़ दिया गया। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलते लोकल थाना पुलिस भी रिफाइनरी पहुंच गई। इसके बाद पुलिस और सुरक्षा बल मिलकर माहौल को शांत करने की कोशिश में जुटे हैं। मगर, श्रमिकों का हंगामा जारी है। रिफाइनरी में हंगामे के कुछ PHOTOS… रिफाइनरी के श्रमिकों ने ये लगाए आरोप, जिससे विवाद बढ़ा… शौचायल की व्यवस्था नहीं: कर्मचारियों ने कहा कि वे गेट नंबर 4 पर काम करते हैं। यहां से भीतर साइट तक जाने के लिए न ही कोई साधन की व्यवस्था है। इतना ही नहीं, भीतर कोई शौचालय भी नहीं है। पैदल ही शौचालय के लिए दूर-दूर तक आना जाना पड़ता है। कैंटीन नहीं, खाने का समय तय नहीं: श्रमिकों ने कहा कि उनकी साइट के पास खाने-पीने की भी कोई व्यवस्था नहीं है। कैंटीन तक नहीं है। उन्हें खाना खाने के लिए कई मीटर दूर तक पैदल जाना पड़ता है। इस दौरान उनके लंच का समय कटता रहता है। समय पर दोबारा साइट पर न पहुंचने पर फटकार लगाई जाती है। वेतन कटौती का हिसाब नहीं: श्रमिकों ने बताया कि जब जब उनकी सैलरी आती है तो वो बेहिसाब कटौती के साथ मिलती है। पीएफ और ESI के नाम पर उनकी सैलरी ज्यादा काटी जाती है। हिसाब मांगने पर उन्हें इस तरह की बात बताई जाती है कि वे समझ ही नहीं पाते हैं। श्रमिकों की मांग है कि उनका पूरा वेतना दिया जाए। ठेकेदार और सुरक्षाबलों का व्यवहार सही नहीं: श्रमिकों ने कहा कि उनके साथ ठेकेदार और मौके पर सुरक्षा में तैनात CISF के अधिकारी ठीक से व्यवहार नहीं करते हैं। वे गेट पास के नाम पर उनके साथ बहुत दुर्व्यहार करते हैं। गाली-गलौज तक देते हैं। कई बार विरोध करने पर उन्हें काम से भी निकालने की बात कही जाती है। खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है…


