बाबा खाटूश्याम के फाल्गुनी लक्खी मेले का आज तीसरा दिन है। वीकेंड खत्म होने के बाद आज भीड़ कम है, इस वजह से चारण खेत के सभी जिगजैग नहीं खोले गए हैं और श्रद्धालुओं को जल्दी दर्शन हो रहे हैं। खाटू पहुंचने के बाद दर्शन होने में एक घंटे से भी कम समय लग रहा है। आज श्याम बाबा का सफेद गुलाब, मोगरा और विदेशी फूलों से श्रृंगार किया गया है। आज मंदिर परिसर को लाल, पीले और सफेद कपड़ों से सजाया गया है। मंदिर परिसर में घंटियां लटकाई गई हैं, हवा के साथ घंटियों से संगीत बज रहा है। थर्माकोल शीट पर गढ़ाई कर मंदिर को श्याम दरबार बनाया गया है। इधर रींगस से खाटू तक निशान लिए श्रद्धालुओं के जत्थे आगे बढ़ रहे हैं। विश्व प्रसिद्ध बाबा श्याम का फाल्गुन मेला 21 फरवरी से शुरू हो गया है। मेले के तीसरे दिन तमिलनाडु, बंगाल और कर्नाटक से आए सफेद गुलाब, मोगरा व अन्य फूलों से बाबा श्याम का विशेष श्रृंगार किया गया है। श्रृंगार में फूलों के साथ लाल कपड़ेर गुलाबी कढ़ाई का बागा पहनाया गया है। तीसरे दिन आज सुबह मेले में बाबा श्याम के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ रही। अब तक करीन ढाई लाख लोग बाबा श्याम की के दर्शन कर चुके हैं। आज सोमवार यानि वर्किंग का दिन होने के कारण भक्तों की भीड़ कुछ कम है।अनुमान के अनुसार आज देशभर से करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के खाटू धाम पहुंचने की संभावना है। निशान लेकर झूमते-गाते बढ़ रहे भक्त
रींगस से खाटू तक श्याम भक्त नंगे पैर आगे बढ़ रहे हैं। हाथों में निशान और लबों पर बाबा श्याम के जयकारे… नजारा देखते ही बनता है। श्याम भक्तों के जत्थे लगातार खाटू की ओर बढ़ रहे हैं। रास्ते में जगह-जगह मान मनुहार के सेवा शिविर लगे हुए हैं। बच्चा हो या बुजुर्ग, पुरुष हो या महिला हर कोई बाबा श्याम की भक्ति में रंगा हुआ है। श्याम भक्त भजनों पर झूमते हुए खाटू पहुंच रहे हैं। तोरण द्वार पर सेल्फी खिंचवाने और धोक लगाने का दौर
तोरण द्वार पर भक्तों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। तोरण द्वार पर सेल्फी खिंचवाने और धोक लगाने का दौर चल रहा है। श्याम भक्त धोक लगाकर दोबारा वापस आने की उम्मीद कर रहे हैं। सेल्फी खिंचवाने का अलग ही तरह का क्रेज देखने को मिल रहा है। श्याम भक्त एकत्रित होकर गुलाल उड़ाते हुए बाबा श्याम के भजनों पर थिरकते नजर आ रहे हैं। देश-विदेश से आए श्रद्धालु जयकारों के साथ खाटू पहुंच रहे हैं। रींगस से खाटू तक 17 किलोमीटर लंबे पैदल कॉरिडोर पर जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए सेवा शिविर लगे हुए हैं। श्रद्धालुओं के लिए इस बार मंढ़ा मोड़, अलोदा रोड व सांवलपुरा रोड पर अलग-अलग जगह पार्किंग चिन्हित की गई हैं। यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए पार्किंग स्थल से रींगस कस्बा, तोरण द्वार, सीकर धर्मशाला तक ई रिक्शा चल रहे हैं। ई-रिक्शा का शुल्क 25 रुपए प्रति सवारी निर्धारित किया गया है। रींगस से लेकर खाटूश्यामजी के तोरण द्वार तक जगह-जगह लोग श्रद्धालुओं के लिए खाने-पीने, आराम करने और एक्यूप्रेशर सेवा शिविर की सुविधाएं की गई हैं।


