नागौर में श्रम विभाग में लंबे समय तक कार्यरत रहे लेबर इंस्पेक्टर कुलदीप यादव पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप अब गंभीर जांच के दायरे में आ गए हैं। विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने इस पूरे मामले में प्राथमिक जांच (PE) दर्ज कर ली है। अब नागौर ACB इस प्रकरण की विस्तृत जांच करेगी। ACB सूत्रों के अनुसार, वायरल हुए ऑडियो की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी और परिवादी के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। यदि जांच में आरोप प्रमाणित होते हैं, तो लेबर इंस्पेक्टर कुलदीप यादव के खिलाफ ब्यूरो द्वारा औपचारिक FIR दर्ज की जाएगी। 8 प्रतिशत कमीशन की मांग का ऑडियो बना जांच का आधार गौरतलब है कि 9 दिसंबर को नागौर के चार लेबर इंस्पेक्टर्स के पावर विभाग द्वारा वापस दिए गए थे। इससे पहले ये पावर सीज कर चूरू और सीकर के इंस्पेक्टर्स को नागौर का अतिरिक्त चार्ज दिया गया था। अतिरिक्त चार्ज के कारण स्थानीय श्रमिकों और ठेकेदारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसी बीच 10 दिसंबर को एक ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें इंस्पेक्टर कुलदीप यादव स्थानीय एजेंटों से 8 प्रतिशत कमीशन की मांग करते सुनाई दिए। ऑडियो सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। तत्काल सस्पेंशन, अब ACB की एंट्री ऑडियो वायरल होते ही विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुलदीप यादव को निलंबित कर मुख्यालय बारां भेज दिया। साथ ही मामले की जांच के आदेश ACB को सौंप दिए गए थे। हालांकि, अब जाकर ACB को प्राथमिक जांच की औपचारिक स्वीकृति मिली है, जिसके बाद जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है। नागौर ACB की ASP कल्पना सोलंकी ने बताया – मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जाएगी। वायरल ऑडियो का सत्यापन करवाया जाएगा और संबंधित पक्षों के बयान लिए जाएंगे। यदि जांच में तथ्य सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


