डूंगरपुर में नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों के लिए एक विशेष क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। शहर के विजयाराजे सिंधिया ऑडिटोरियम में आयोजित इस शिविर में जिलेभर के 360 युवाओं ने आपदा प्रबंधन की बारीकियां सीखीं। इसका उद्देश्य आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए स्वयंसेवकों को तैयार करना था। जयपुर से आए मास्टर ट्रेनर्स ने स्वयंसेवकों को नवीनतम आपदा राहत उपकरणों और तकनीकों का ज्ञान दिया। उन्हें घायलों को अस्पताल पहुंचाने से पहले दी जाने वाली जीवन रक्षक चिकित्सा का भी अभ्यास कराया गया। मास्टर ट्रेनर्स ने बताया कि नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक किसी भी आपदा के समय ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की भूमिका निभाते हैं। समाज की सुरक्षा के लिए उनका सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षण में आगजनी जैसी घटनाओं पर काबू पाने, फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और राहत कार्यों के दौरान प्रशासन व जनता के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के गुर भी सिखाए गए। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा स्वयंसेवकों को व्यावहारिक और सैद्धांतिक दोनों प्रकार की जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण से जिले में नागरिक सुरक्षा टीम को और अधिक सशक्त और कुशल बनाया जाएगा।


