भास्कर न्यूज |अलवर सरकारी अस्पतालों की लैब में हो रही जांच रिपोर्ट मरीज या उनके परिजन इंटीग्रेटेड हेल्थ मिशन सिस्टम (आईएचएमएस) पोर्टल के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। लेकिन अलवर के जिला अस्पताल में मिलने वाली कंप्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी) की जांच रिपोर्ट अभी आनॅलाइन अाधी अधूरी ही मिल रही है। कई महत्वपूर्ण पैरामीटर इस जांच रिपोर्ट से ही गायब हैं। इसके चलते मरीज के लिए सीबीसी की ऑनलाइन जांच रिपोर्ट किसी काम की नहीं है और उन्हें ऑफलाइन रिपोर्ट के लिए लैब के चक्कर लगाना मजबूरी बना हुआ है। मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ दिनेश पटेल का कहना है कि अभी मिल रही ऑनलाइन सीबीसी जांच रिपोर्ट में रेड सेल डिस्ट्रीब्यूशन विड्थ, मीन कॉरपुस्क्यूलर वॉल्यूम, मीन कॉरपुस्क्यूलर हिमोग्लोबिन, मीन कॉरपुस्क्यूलर हिमोग्लोबिन कंसंट्रेशन और मीन प्लेटलेट वॉल्यूम जैसी आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इन पैरामीटर से मरीज में एनीमिया के होने के कारणों जैसे यह आयरन की कमी से हुआ है या विटामिन बी-12 या क्रोनिक डिजीज के कारण हुआ है, का पता चलता है। इसकी जानकारी नहीं मिल पा रही है। हॉस्पिटल में अभी इन जांच रिपोर्ट को कंप्यूटर ऑपरेटर मैन्युअल तरीके से ही तैयार कर रहे हैं। इसकी वजह प्रबंधन के पास स्टाफ की कमी और मशीन का ऑटोमेटिक नहीं होना है। गौरतलब है कि अस्पताल में अभी रोजाना 300 से 350 सीबीसी जांच हो रही हैं जो मौसमी बीमारियों के दौर में 500 के पार पहुंच जाती हैं। ^प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सिस्टम को अपग्रेड करने की प्रक्रिया जारी है। यहां की लैब में सीबीसी समेत अन्य मशीनों को ऑटोमेटिक किया जाएगा इससे डेटा सीधा कम्प्यूटर पर अपलोड होगा। इससें मेन्युअल जांच रिपोर्ट के पैरामीटर ऑनलाइन करने की जरूरत नहीं रहेगी। -कर्मचंद योगी, टेक्निकल सपोर्ट इंजीनियर जिला अस्पताल


