तालवृक्ष रेंज से घायल लेपर्ड का रेस्क्यू, आरआर कॉलेज में 17 दिन से घूम रहा लेपर्ड पकड़ से दूर

भास्कर न्यूज | अलवर सरिस्का के तालवृक्ष रेंज से एक घायल लेपर्ड को मंगलवार को रेस्क्यू किया गया। सीसीएफ संग्राम सिंह कटियार ने बताया कि मानवास बीट में मंगलवार सुबह एक घायल लेपर्ड के होने की सूचना पर सरिस्का की रेस्क्यू टीम को भेजा गया था। वहां से उसे ट्रेंक्यूलाइज कर अलवर सीसीएफ कार्यालय लाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। सरिस्का टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीनदयाल मीणा ने बताया कि लेपर्ड का पिछला हिस्सा काम नहीं कर रहा था। लेकिन बाहरी कोई चोट भी नहीं थी। उसके लगातार आक्रामक होने के चलते उसे ट्रेंक्यूलाइज करना पड़ा। यह मादा लेपर्ड है जिसकी उम्र करीब एक साल है। रेस्क्यू टीम में कंपाउडर दीपक, पूजा, तालवृक्ष रेंज के फोरेस्टर भारत कटारिया और ड्राइवर दिनेश मौजूद रहे। डॉक्टर ने बताया कि अलवर लाने के बाद लेपर्ड को दवा दी गई है। जांच में लेपर्ड के अंदरूनी चोट भी नहीं मिली है। दवा का एक-दो दिन रिस्पांस देखा जाएगा। इसके बाद आगे के उपचार की रूपरेखा तैयार की जाएगी। आरआर कॉलेज में 17 दिनों से डेरा जमाए बैठा लेपर्ड: राजऋषि कॉलेज के आसपास के क्षेत्र में 1 दिसंबर से डेरा जमाए बैठा लेपर्ड 17 दिन बाद भी वन विभाग की पकड़ से बाहर है। मंगलवार को कई जगह लेपर्ड का मूवमेंट तो मिला पर उसने पिंजरों से दूरी बनाई रखी। जयपुर से आया नए पिंजरे में भी उसने शिकार का प्रयास नहीं किया। वन विभाग के डॉ दीनदयाल मीणा ने बताया कि जिस जंगल में यह लेपर्ड है वहां कई खंडहर हैं। जिनमें सर्च भी किया गया था लेकिन वह नहीं दिखा। आर आर कॉलेज के आसपास के जंगल में घनी झाड़ियों में लेपर्ड को ट्रेंक्यूलाइज करना भी संभव नहीं है जब तक कि वह किसी खुली जगह पर न आए।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *