चंडीगढ़ की पार्किंग में सवारी को पिक एंड ड्रॉप करने पर 28 रुपये पार्किंग शुल्क वसूलने के विरोध में ऑटो और कैब ड्राइवरों ने मोर्चा खोल दिया है। इस मुद्दे को लेकर ऑटो-कैब यूनियन के अध्यक्ष ने चंडीगढ़ के मेयर सौरव जोशी से मुलाकात कर अपनी समस्या रखी और शुल्क वापस लेने की मांग की। यूनियन अध्यक्ष ने मेयर को बताया कि पिछले 15 वर्षों का रिकॉर्ड देखा जा सकता है, चाहे किसी भी पार्टी की सरकार रही हो, कोई भी मेयर रहा हो या पार्किंग प्राइवेट ठेकेदार के पास रही हो, ऑटो और कैब चालकों से पिक एंड ड्रॉप के लिए कभी पार्किंग शुल्क नहीं लिया गया। उनका कहना है कि अब जब पार्किंग का संचालन नगर निगम के हाथ में है, तो सुविधा देने के बजाय ड्राइवरों पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। ड्राइवरों का आरोप है कि पिक एंड ड्रॉप के नाम पर 28 रुपये की वसूली पूरी तरह अनुचित है और इससे ड्राइवर समुदाय में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि इससे उनकी आमदनी पर सीधा असर पड़ रहा है। मेयर ने दिया समाधान का आश्वासन मेयर सौरव जोशी ने ड्राइवरों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्या पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही ऑटो और कैब ड्राइवरों के साथ बैठक कर समाधान निकाला जाएगा। मेयर ने कहा कि पिक एंड ड्रॉप व्यवस्था को लेकर ड्राइवर समुदाय की बात सुनी जाएगी और उन्हें अनावश्यक परेशान नहीं होने दिया जाएगा। धरना-प्रदर्शन की चेतावनी वहीं ऑटो-कैब यूनियन के अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे नगर निगम के खिलाफ धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो ऑटो और कैब चालक हड़ताल पर भी जा सकते हैं। यूनियन का कहना है कि यदि हड़ताल होती है तो इसका सीधा असर शहर की आम जनता पर पड़ेगा। यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कत होगी और स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।


