धौलपुर में नागरिक सुरक्षा के क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण से 11 स्वयंसेवकों को बाहर किए जाने के विरोध में सोमवार को जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। स्वयंसेवकों और उनके समर्थकों ने इस निर्णय को अनुचित और पक्षपातपूर्ण बताया है। ज्ञापन में बताया गया है कि नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार क्रमांक 361 से 439 तक कुल 79 स्वयंसेवक प्रशिक्षण के लिए पात्र थे। आरोप है कि सूची में नाम होने के बावजूद 11 स्वयंसेवकों को बिना किसी स्पष्ट कारण के प्रशिक्षण कार्यक्रम से वंचित कर दिया गया। इस कार्रवाई से प्रभावित स्वयंसेवकों में असंतोष है। ज्ञापनकर्ताओं का कहना है कि नागरिक सुरक्षा प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वयंसेवकों की क्षमता बढ़ाना और आपदा या आपातकालीन परिस्थितियों में उनकी भूमिका को सशक्त बनाना है। उन्होंने मांग की है कि सभी 11 स्वयंसेवकों को पुनः प्रशिक्षण में शामिल किया जाए, ताकि उन्हें भी क्षमता संवर्धन का समान अवसर मिल सके। यह ज्ञापन जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी को सौंपा गया। प्रतिनिधिमंडल ने निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते निर्णय में सुधार नहीं किया गया, तो वे आगे भी अपनी आवाज उठाने के लिए बाध्य होंगे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद नागरिक सुरक्षा से जुड़े स्वयंसेवकों में चर्चा का माहौल है। सभी की नजर अब जिला प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है। उम्मीद है कि प्रशासन मामले की जांच कर पात्र स्वयंसेवकों को न्याय दिलाने की दिशा में कदम उठाएगा।


