डॉ. गजादान चारण बने भारत विकास परिषद डीडवाना के अध्यक्ष:सुरेन्द्र सोनी सचिव और बालमुकुंद बगड़िया वित्त सचिव निर्वाचित

डीडवाना में भारत विकास परिषद की स्थानीय शाखा के वार्षिक चुनाव सर्वसम्मति से संपन्न हुए। एक होटल में हुए इन चुनावों में डॉ. गजादान चारण को पुनः अध्यक्ष चुना गया। सुरेन्द्र सोनी सचिव और बालमुकुंद बगड़िया वित्त सचिव निर्वाचित हुए। यह निर्वाचन प्रक्रिया परिषद की संवैधानिक नियमावली के तहत आम बैठक में पूरी की गई। क्षेत्रीय संयोजक (संस्कार) विनोद सेन के मार्गदर्शन में हुए इन चुनावों में प्रांतीय वित्त सचिव पुरुषोत्तम सोनी (लाडनूं) ने चुनाव अधिकारी और प्रांतीय महिला संयोजक दिव्या माथुर (लाडनूं) ने पर्यवेक्षक की भूमिका निभाई। अपने संबोधन में विनोद सेन ने परिषद की शक्ति को उसके अनुशासित संगठन, वैचारिक निष्ठा और सेवा-संकल्प में निहित बताया। उन्होंने डीडवाना शाखा को एक सक्रिय और प्रगतिशील इकाई बताते हुए विश्वास जताया कि नई कार्यकारिणी सेवा परंपरा को और मजबूत करेगी। चुनाव अधिकारी पुरुषोत्तम सोनी ने निर्वाचन की चरणबद्ध और पारदर्शी प्रक्रिया के बारे में बताया। पर्यवेक्षक दिव्या माथुर ने समाजसेवी संगठनों में चुनाव की गरिमा और उत्तरदायित्व के महत्व पर प्रकाश डाला। निर्वाचन से पहले सचिव सुरेन्द्र सोनी ने वर्षभर की गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। वित्त सचिव बालमुकुंद बगड़िया ने आय-व्यय का लेखा-जोखा सदन के सामने रखा, जिसे सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। नव-निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. गजादान चारण ने परिषद परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह दायित्व सामूहिक विश्वास का प्रतीक है। डॉ. चारण ने जोर दिया कि व्यक्ति से बड़ा संगठन होता है और संगठन की प्रतिष्ठा उसके सदस्यों के चरित्र, कार्यनिष्ठा और सेवा-भाव से बनती है। डॉ. चारण ने अपने पिछले कार्यकाल की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने शीतल जल प्रकल्प, निःशुल्क हृदय जांच एवं परामर्श शिविर, जिला चिकित्सालय में गोद लिए गए वार्डों की देखरेख और चिकित्सा उपकरण प्रकल्पों को सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने महावीर दिव्यांग सेवा समिति के सहयोग से प्रतिवर्ष कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक जरूरतमंदों को लाभान्वित करने का संकल्प भी दोहराया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के सामूहिक गान से आरंभ हुई बैठक राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ सम्पन्न हुई।

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