दौसा में सोमनाथ सर्किल के रिनोवेशन कार्य के बीच सोमवार को विवाद की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों ने सर्किल के नाम से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया। नगर परिषद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दरअसल, नगर परिषद द्वारा सोमनाथ सर्किल को रोटरी क्लब को गोद देकर उसका नवीनीकरण कराया जा रहा था। इस दौरान पहले से बने फव्वारे को हटाकर सर्किल का आकार छोटा कर दिया गया और वहां रोटरी क्लब का पत्थर से निर्मित लोगो स्थापित कर दिया गया। सर्किल के नाम के साथ क्लब का नाम जोड़े जाने की आशंका से स्थानीय लोगों में रोष फैल गया। सोमवार सुबह लोगों ने सर्किल पर लगाए गए क्लब के लोगो को हटाकर पट्टिका तोड़ दी। इसके बाद सोमनाथ सर्किल का बोर्ड लगाकर त्रिशूल और डमरू स्थापित किए गए तथा पूजा-अर्चना की गई। संघर्ष समिति ने दी आंदोलन की चेतावनी सोमनाथ सर्किल बचाओ संघर्ष समिति ने कलेक्टर के नाम दिए ज्ञापन में कहा – सोमनाथ महादेव का मंदिर देवनगरी दौसा की अस्मिता और सांस्कृतिक वैभव का केंद्र है, जो अरावली पर्वतमाला पर स्थित है। यह मंदिर शहरवासियों के विश्वास, गौरव और धार्मिक आस्था का प्रतीक है। इसी महिमा को जीवंत बनाए रखने के लिए वर्षों पूर्व कलेक्ट्रेट के समीप सोमनाथ सर्किल का निर्माण किया गया था, जो आज शहर की पहचान बन चुका है। समिति ने आरोप लगाया कि रोटरी क्लब नामक एक निजी संस्था इस ऐतिहासिक स्थल की पहचान के साथ छेड़छाड़ कर रही है और जनभावनाओं को दरकिनार कर सोमनाथ सर्किल को ‘सोमनाथ रोटरी क्लब सर्किल’ के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि सार्वजनिक निधि और आस्था से जुड़े इस स्थल का किसी निजी संस्था के प्रचार-प्रसार के लिए उपयोग करना पूरी तरह अनुचित है। समिति ने मांग की कि सोमनाथ सर्किल के नाम और स्वरूप को यथावत रखा जाए। यदि रोटरी क्लब विकास कार्य करना चाहता है तो वह नए सर्किल का निर्माण करे, न कि स्थापित श्रद्धा केंद्रों के नाम से छेड़छाड़ करे। चेतावनी दी गई कि यदि प्रशासन ने तत्काल रोक नहीं लगाई तो शहरवासी धार्मिक अस्मिता की रक्षा के लिए आंदोलन करने को बाध्य होंगे। कमिश्नर बोले- नए सिरे से बनेगी योजना मामले में नगर परिषद के कमिश्नर कमलेश कुमार मीणा ने बताया कि नियमों के तहत सोमनाथ सर्किल के सौंदर्यकरण के लिए रोटरी क्लब को गोद दिया गया था और पिछले कई महीनों से नवीनीकरण कार्य चल रहा था। स्थानीय लोगों के विरोध की जानकारी मिली है। ऐसे में अब नगर परिषद द्वारा सौंदर्यकरण की योजना नए सिरे से तैयार की जाएगी।


