भारत-पाक बॉर्डर पर पहली बार C-295 की होगी नाइट लैंडिंग:राफेल-तेजस का प्रहार, अंधेरे में गरुड़ कमांडो की एंट्री; 24 को फुल ड्रेस रिहर्सल

भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर पर राजस्थान में पोकरण का आसमान 24 व 27 फरवरी को भारतीय वायुसेना के शौर्य का गवाह बनेगा। ‘वायुशक्ति-2026’ अभ्यास में C-295 एयरक्राफ्ट की पहली बार नाइट असॉल्ट लैंडिंग होगी। यह पहला मौका है जब यह आधुनिक परिवहन विमान रात के अंधेरे में दुश्मन की सीमा के करीब लैंडिंग कर अपनी ताकत दिखाएगा। भारत इस युद्धाभ्यास से दुनिया को वायुसेना की ताकत का मैसेज देगा कि अंधेरे में भी सटीक प्रहार करने में सक्षम है। इसके साथ ही C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान भी इस अभ्यास में हिस्सा लेंगे। ये विमान भारतीय वायुसेना के विशेष दस्ते ‘गरुड़ कमांडो’ को सीधे वॉर-जोन में उतारेंगे। भारतीय वायुसेना के पास अभी 12 से अधिक C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान हैं। 24 फरवरी को इस कार्यक्रम की फुल ड्रेस रिहर्सल होगी। मुख्य कार्यक्रम 27 फरवरी को होगा। असॉल्ट लैंडिंग क्या होती है?
इसका मतलब है कि युद्ध जैसी स्थिति में, जहां न रोशनी हो और न ही पक्का रनवे, वहां भी विमान उबड़-खाबड़ जमीन पर सुरक्षित उतर सके। C-295 इसी क्षमता के साथ तैयार किया गया है। यह कठिन हालात में भी सैनिकों, हथियारों और जरूरी सामान को तेजी से पहुंचा सकता है। इसके साथ ही C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान भी इस अभ्यास में हिस्सा लेंगे। ये विमान भारतीय वायुसेना के विशेष दस्ते ‘गरुड़ कमांडो’ को सीधे वॉर-जोन में उतारेंगे। यह पूरी ड्रिल में दिखेगा कि भारत की ‘स्पेशल फोर्सेज’ कितनी तेजी से दुश्मन के घर में घुसकर कार्रवाई कर सकती हैं। 12 हजार किलो बारूद से गूंजेगा बॉर्डर इलाका एयर मार्शल नागेश कपूर के मुताबिक, इस बड़े सैन्य अभ्यास के दौरान करीब 12 हजार किलो गोला-बारूद इस्तेमाल किया जाएगा। यह आंकड़ा ही बताता है कि अभ्यास कितने बड़े पैमाने पर हो रहा है। गोलाबारी और ऑपरेशन के लिए 77 फाइटर जेट और 43 हेलिकॉप्टर तैनात किए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान एक साथ उड़ान भरेंगे, जिससे साफ है कि भारतीय वायुसेना कई मोर्चों पर एक साथ प्रभावी कार्रवाई करने की क्षमता का प्रदर्शन कर रही है। पहली बार बड़े स्तर पर दिखेंगे मानवरहित विमान एयर मार्शल नागेश कपूर ने बताया – इस बार रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट (RPA) यानी मानवरहित विमानों को पहली बार इतने बड़े सार्वजनिक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। भविष्य के युद्धों में ड्रोन और RPA की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए ‘वायु शक्ति-2026’ में आधुनिक हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन होगा। सिर्फ हमला नहीं, राहत और बचाव की भी तैयारी यह अभ्यास केवल हमलावर क्षमता दिखाने तक सीमित नहीं है। इसमें कठिन परिस्थितियों में एयरलिफ्ट, आपदा प्रबंधन (HADR) और बचाव अभियानों में वायुसेना की भूमिका को भी परखा जाएगा। युद्ध जैसी स्थिति में जमीनी सेनाओं तक जल्दी मदद पहुंचाना, दूर-दराज और दुर्गम इलाकों में एयर ऑपरेशन चलाना और उन्हें रणनीतिक सफलता में बदलना, इसी क्षमता का प्रदर्शन इस अभ्यास में किया जाएगा। 120 से ज्यादा लड़ाकू विमान, आसमान में बनेगा अभेद्य चक्र भारतीय वायुसेना अपनी मारक क्षमता को परखने के लिए इस बार 120 से अधिक आधुनिक एयरक्राफ्ट को एक साथ आसमान में उतारेगी। इनमें देश के सबसे ताकतवर फाइटर जेट शामिल होंगे—राफेल, सुखोई-30 MKI, तेजस, मिराज-2000 और जगुआर। हेलिकॉप्टर बेड़े में स्वदेशी अटैक हेलिकॉप्टर ‘प्रचंड’ और भारी वजन उठाने में सक्षम ‘चिनूक’ भी शामिल रहेंगे। कुल मिलाकर इस अभ्यास में 77 फाइटर जेट, 43 हेलिकॉप्टर और 8 ट्रांसपोर्ट विमान हिस्सा लेंगे। इतनी बड़ी संख्या में विमानों की एक साथ तैनाती वायुसेना की समन्वित और बहुस्तरीय युद्ध क्षमता को दर्शाती है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ की ताकत का प्रदर्शन एयर मार्शल नागेश कपूर के अनुसार, यह अभ्यास स्वदेशी ताकत पर विशेष फोकस करता है। इसमें भारत में विकसित ‘तेजस’ और ‘प्रचंड’ जैसे विमानों के साथ-साथ लोइटरिंग म्यूनिशन (कामिकेज ड्रोन) का भी प्रदर्शन किया जाएगा। आधुनिक हथियार प्रणालियों का यह प्रदर्शन साफ संदेश देता है कि भारतीय वायुसेना अब नई तकनीक और स्वदेशी रक्षा उपकरणों के दम पर तेजी से आत्मनिर्भर बन रही है। पाकिस्तान सीमा के पास हाई अलर्ट पाकिस्तान सीमा के नजदीक होने वाले इस अभ्यास को देखते हुए पूरे क्षेत्र में NOTAM (नोटिस टू एयरमेन) जारी कर हवाई क्षेत्र को सुरक्षित कर लिया गया है। किसी भी संभावित घुसपैठ को रोकने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम और एयर डिफेंस की कई परतें सक्रिय की गई हैं। 24 फरवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल होगी, जबकि 27 फरवरी को पोखरण फायरिंग रेंज में मुख्य अभ्यास के दौरान आसमान लड़ाकू विमानों की गर्जना और धमाकों से गूंज उठेगा। —
ये खबर भी पढ़ें … राजस्थान में ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर होगी बमबारी:बॉर्डर इलाकों में पहली बार आसमान में बाज की तरह हमला करने वाला एयरक्राफ्ट दिखेगा राजस्थान के बॉर्डर इलाके में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की तर्ज पर बमबारी होगी। दुश्मनों के ठिकानों को चुन-चुनकर नेस्तनाबूद किया जाएगा। आसमान में पहली बार बाज की तरह हमला करने वाला एयरक्राफ्ट दिखेगा। पूरी खबर पढ़िए

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