दौसा जिले के मेहंदीपुर बालाजी कस्बे में सोमवार को हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसे लेकर कलश व शोभायात्रा निकाली गई। टोडाभीम रोड से शुरू हुई कलश यात्रा में महिलाए सिर पर कलश धारण कर चल रही थी तो युवा भी भजनों की धुन पर नाचते दिखे। सजीव झांकियों ने सबका मन हर्षित कर दिया। जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। एवीएम स्कूल में आयोजित हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता बजरंग दल के विभाग संयोजक नरेश कुमार ने कहा कि संगठित हिंदू समाज ही समर्थ भारत की नींव है। हिंदुत्व किसी जाति तक सीमित है और न ही केवल पूजा पद्धति तक, बल्कि यह एक जीवन पद्धति है, जिसका मूल सूत्र सर्वे भवन्तु सुखिनः और वसुधैव कुटुम्बकम् है। उन्होंने कहा कि कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी व नागरिक अनुशासन को समाज के बीच लागू मुख्य उद्देश्य है। एक मंदिर, एक कुआं और एक शमशान पर सभी भेद समाप्त हो जाते हैं, यही समरसता का वास्तविक स्वरूप है। संगठित, स्वाभिमानी और संस्कारयुक्त समाज ही भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने की दिशा में अग्रसर कर सकता है। सबके जीवन में संस्कार होना बेहद जरूरी वैध सतीश जैमिनी ने कहा कि समय के साथ चुनौतियों और शक्तियों का स्वरूप बदलता रहता है, लेकिन हिंदू चेतना सनातन बनी रहती है। आज आवश्यकता है स्वदेशी अपनाने की, अपनी भाषा और संस्कृति पर गर्व करने की तथा राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों को समझने की। उन्होंने कुटुंब प्रबोधन पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक घर में सांस्कृतिक प्रतीकों का सम्मान, तुलसी का पौधा, स्वदेशी और मातृभाषा में संवाद होना चाहिए। उन्होंने पारिवारिक संवाद को प्राथमिकता देने जैसे संस्कारों को जीवन में अपनाने का आग्रह किया। इस दौरान बड़ी तादात में लोग मौजूद रहे।


