सीकर में हरदयालपुरा और दुर्गापुरा के ग्रामीणों का विरोध:हरदयालपुरा सरकारी स्कूल के पुराने भवन से कब्जा हटाने की मांग, पिपराली व दुर्गापुरा को UIT से हटाने की मांग

सीकर में आज 2 गांवों के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर विरोध जताया। एक मामले में कुड़ली ग्राम पंचायत के हरदयालपुरा राजस्व ग्राम के ग्रामीणों ने सरकारी स्कूल के पुराने भवन से अवैध कब्जा हटाने की मांग की। वहीं, पिपराली ग्राम पंचायत के दुर्गापुरा गांव के ग्रामीणों ने नगर विकास न्यास(UIT) में जुड़ने से गांव का विकास रूकने की बात कही। हरदयालपुरा के ग्रामीण आज सरकारी स्कूल के पुराने भवन को खुर्द-बुर्द करने और जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने के विरोध में जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर हरदयालपुरा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की संपत्ति को बचाने और अवैध रूप से बनाई गई रजिस्ट्री को निरस्त करने की मांग की है। कुड़ली सरपंच प्रतिनिधि प्रभुदयाल ने जानकारी देते हुए बताया कि कुड़ली के राजस्व ग्राम हरदयालपुरा में 1934 से सरकारी स्कूल चल रहा है। सरकारी स्कूल अब नई बिल्डिंग में शिफ्ट हो गया है, स्कूल की पुरानी बिल्डिंग की जमीन गलती से खातेदारों के नाम दर्ज हो गई। उन्होंने कहा कि सीकर के आसपास इलाका होने के कारण यहां जमीनों की कीमतों में काफी उछाल आ गया। इस वजह से कई भूमाफिया सरकारी जमीन को हथियाने में लगे हुए हैं। इन लोगों ने ग्राम पंचायत में विरासतनामा पेश कर नामांतरण का प्रयास भी किया था। सरपंच प्रतिनिधि प्रभुदयाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों ने बिना मौका तस्दीक किए ही सरकारी स्कूल की जमीन की रजिस्ट्री कर दी। ग्रामीणों ने सरकारी भूमि की गलत तरीके से हुई रजिस्ट्री रद्द करके विवादित जमीन को सरकारी हक में करने की मांग की है। इधर, दूसरे मामले में सीकर जिले की पिपराली ग्राम पंचायत के पिपराली और दुर्गापुरा गांव को UIT (नगर विकास न्यास) क्षेत्र में शामिल करने के विरोध में ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने ज्ञापन देकर कहा कि पिपराली और दुर्गापुरा गांव को पिपराली पंचायत समिति में रखने या फिर पिपराली पंचायत समिति को नगर पालिका घोषित करने जरूरत है, जबकि इन्हें UIT में जोड़कर विकास की गति रोकने का काम किया जा रहा है। पिपराली के संतोष मूंड ने कहा कि पिपराली और दुर्गापुरा गांव को हाल ही में UIT क्षेत्र में शामिल किया गया है। इसके विरोध में आज पिपराली और दुर्गापुरा के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को दोनों गांवों को पंचायत समिति में यथावत रखने की मांग की है। पिपराली जनसंख्या के हिसाब से बड़ी ग्राम पंचायत है और पंचायत समिति मुख्यालय भी है। यह प्रशासनिक, शैक्षणिक, सामाजिक व व्यावसायिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र है। ऐसी स्थिति में पिपराली गांव को नगर पालिका घोषित किया जाना चाहिए, जिससे यहां का विकास संभव हो सके। ग्रामीणों को कहना है कि यूआईटी क्षेत्र में शामिल होने से यहां का विकास कार्य अटकने की संभावना है। पिपराली और दुर्गापुरा गांव यूआईटी क्षेत्र में शामिल होने पर यहां के निवासियों को नगरपालिका जैसी सुविधा मिलेगी और ना ही ग्राम पंचायत स्तर पर स्वतंत्र रूप से विकास के कार्य हो सकेंगे। ग्रामीणों ने दोनों गांवों को UIT से बाहर पहले की स्थिति में बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों को पुरानी स्थिति बहाल नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

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