हुलहुंडू में मंगलवार को रांची कैथोलिक महाधर्मप्रांत के पुरोहित फादर विलियम तिर्की का दफन संस्कार संपन्न हुआ। उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। ज्ञात हो कि फादर विलियम तिर्की लंबे समय से बीमार चल रहे थे, जहां उन्हें मांडर के कॉन्स्टेंट लिवन्स हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में वेंटीलेटर पर रखा गया था। 15 दिसंबर की देर रात 11 बजे उनका देहांत हो गया था। उनके आदर में मंगलवार को मिस्सा बलिदान अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की गई। मिस्सा बलिदान की अगुवाई रांची कैथोलिक महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आइंद ने की। अपने धर्मोपदेश में उन्होंने कहा कि प्रत्येक जीवन का एक विशेष उद्देश्य है और उसे जानने और पूरा करने में हमें पूरी ताकत लगानी है। फादर विलियम तिर्की ने भी अपने जीवन के उद्देश्य को पूर्ण करने में समर्पण की भावना का प्रदर्शन किया है। रांची पल्ली पुरोहित फादर आनंद डेविड खलखो ने फादर विलियम तिर्की के रिश्तेदारों को उनके साथ और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। मिस्सा के पश्चात हुलहुंडू के कब्रिस्तान में उनकी दफन क्रिया पूरी की गई। मौके पर फादर आनंद डेविड खलखो, फादर सेबास्टियन तिर्की, फादर पीटर सांगा, फादर मुकुल कुल्लू, रांची कैथोलिक महाधर्मप्रांत के अन्य 40 पुरोहित, फादर विलियम तिर्की के रिश्तेदार, धर्म-बहनें एवं 500 से अधिक विश्वासी शामिल हुए।


