हरमू रोड स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विवि के तत्वावधान में झारखंड दिव्यांग समानता संरक्षण व सशक्तीकरण अभियान के तहत मंगलवार को कोशिश मानसिक स्कूल अरगोड़ा में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। माउंट आबू से आए हुए ब्रह्माकुमार सूर्य प्रकाश राव ने कहा कि न बोल पाना, न सुन पाना तथा मानसिक व शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति भी परमात्मा की अनमोल निधि है। संसार में उनकी उपस्थिति का कोई न कोई महत्व अवश्य है। उनके प्रति संवेदनशील होना हमारा कर्तव्य है। समाज के हर क्षेत्र में इनकी सहभागिता को प्रदर्शित करने में हमें सहयोग करना है। उनके मानसिक भावनाओं को ऊंचा उठाने में समाज को आगे आना होगा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सामान्य भाई-बहनों व बच्चों के जीवन में आशा उत्साह और संघर्ष की चेतना जगा कर उन्हें कर्मठ नागरिक बनाने की सेवा करता है। विकलांग होना किसी भी प्रकार का अभिशाप व दंड नहीं है। कार्यक्रम में कोशिश मानसिक स्कूल के दिव्यांग बच्चों के बीच उनके कार्य क्षमता व दिव्यता को विकसित करने के लिए गेम व पज्जल, ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसके बाद उन्हें पुरस्कार भी दिया गया। उनकी बौद्धिक क्षमता की जांच की गई। उनकी सुनने, समझने व जांचने की शक्ति का और विकास हो सकें व आध्यात्मिक रीति से उन्हें आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए कई टिप्स दिए गए। कार्यक्रम में दीपा ने ब्रह्माकुमारी द्वारा चलाए जा रहे इस नेक कार्य की सराहना की। इसके अलावा हरमू स्थित राजकीय मूक-बधिर विद्यालय में भी बच्चों के क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से कई प्रतियोगिताएं प्राचार्य शंभु प्रसाद सिंह, आचार्य श्याम सुंदर उपाध्याय व आराधना की उपस्थिति में की गईं।


