बीजेपी महिला नेत्री के वीडियो का मामला, नहीं होंगे इस्तीफे:जिला संयोजक की नियुक्ति की तैयारी की जा रही, संघ को पार्टी की छवि खराब होने का इनपुट मिला

उदयपुर में बीजेपी की महिला नेता के कथित वीडियो के मामले में बड़े नेताओं के नाम की चर्चा के बाद पार्टी ने समाधान पर काम शुरू कर दिया है। सूत्रों की मानें तो इस पूरे मामले पर जयपुर और दिल्ली में मंथन हुआ है, जिसमें इस्तीफे की बजाय दूसरे फॉर्मुले पर विचार किया गया है। इसके तहत उदयपुर में अब जिला संयोजक की नियुक्ति की तैयारी की जा रही है। जिला संयोजक को लेकर कई नामों पर विचार चल रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो पार्टी जल्द किसी वरिष्ठ और अनुभवी नाम को आगे लाकर घोषणा कर सकती है। इससे बाजार में चल रही चर्चाओं को रोका जा सके। वहीं, जिला संयोजक के रूप में अपने गुट के नेता पर सहमति बनवाने पर अलग-अलग गुट जोर लगा रहे हैं। अलग-अलग गुट अपने नाम आगे बढ़ा रहे जिला संयोजक के रूप में नए पदाधिकारी को लगाने की अंदरूनी चर्चा के बीच पार्टी के अलग-अलग धड़े संगठन तक अपने नेताओं के नाम को बढ़ा रहे हैं। पार्टी के कई पुराने और सीनियर नेताओं से राय ली गई है। वहीं, आरएसएस में जिलाध्यक्ष रह चुके एक नाम को आगे बढ़ाया है। ताकि मौजूदा गुटबाजी के बीच वो पदाधिकारियों को अनुशासन का पाठ पढ़ा सके। बता दें कि पिछले साल भाजपा शहर जिलाध्यक्ष द्वारा उदयपुर शहर जिला कार्यकारिणी में कटारिया गुट के किसी नेता को तवज्जों नहीं देने के बाद लगातार गुटबाजी बढ़ रही है। ऐसे में दोनों ग्रुप इन दिनों खासे सक्रिय हैं। ऐसे में जिला संयोजक लगाने की संभावना के बीच अपने पसंदीदा नाम को आगे बढ़ाने के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। क्या है मामला दरअसल, 11 फरवरी को एक बीजेपी नेत्री ने एक वकील पर एआई के जरिए अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का मामला भूपालपुरा थाने में दर्ज करवाया था। इस मामले में बीजेपी नेत्री के लिए एक बड़े नेता थाने भी पहुंचे थे। आरोपी अधिवक्ता के परिजनों का आरोप था कि उनके बेटे को घर से पकड़ने के दौरान कुछ बीजेपी नेता भी पुलिस के साथ मौजूद थे। उन्होंने घर में तोड़फोड़ करते हुए डीवीआर और मोबाइल छीन लिए। इसके बाद से कई बड़े नेताओं के तथाकथित वीडियों को लेकर चर्चा है। परिवार के सदस्यों ने पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से भी शिकायत की थी। पार्टी की छवि खराब होने की चिंता 2 दिन पहले जयपुर में हुई बैठक में भी संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने फीडबैक के बाद तथाकथित बड़े पदाधिकारियों के नाम आने से पार्टी की छवि खराब होने की गंभीर चिंता जताई थी। टीकाराम जूली ने कहा था- उदयपुर फाइल्स जल्द मेरे पास आने वाली वहीं इस मामले पर भी विपक्ष भी कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। कांग्रेस इस मामले को उदयपुर फाइल्स बताकर जनता के बीच घेरने की पूरी तैयारी कर चुका है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जुली ने भी पिछले दिनों कहा था कि किसी ने उदयपुर फाइल्स देखी या नहीं? लेकिन जल्द मेरे पास आने वाली है और कलेक्टरी पर शहर जिलाध्यक्ष के साथ टीम ने प्रदर्शन किया। इसमें भाजपा के साथ-साथ पुलिस की कार्रवाई के तरीके पर भी सवाल उठाए थे।

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