छत्तीसगढ़ में अवैध खनन के 7,723 मामले दर्ज:राजेश मूणत ने विधानसभा में पूछा सवाल, CM ने बताया 23.76 करोड़ की हुई वसूली

छत्तीसगढ़ में साल 2024 में खनिजों के अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन के 7,723 मामले दर्ज किए गए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। अवैध खनन को लेकर सरकार का कहना है कि, लगातार कार्रवाई करते हुए अवैध खनन पर नियंत्रण के प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री के पास खनन विभाग भी है। उन्होंने वरिष्ठ भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री राजेश मूणत के पूछे गए अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि, 1 जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 तक राज्य में कुल 7,723 मामले दर्ज किए गए। इन पर कार्रवाई करते हुए 23.76 करोड़ रुपए की समझौता राशि वसूल की गई। जब्त किए गए खनिज और वाहन इस प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि, खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 23-बी के तहत अवैध खनिज और जब्त किए गए वाहनों को समझौता राशि वसूलने के बाद छोड़ने का प्रावधान है। राज्य में दर्ज 7,723 मामलों में से 7,555 मामलों में समझौता राशि लेकर खनिज और वाहन छोड़े गए। अवैध खनन रोकने के लिए नीति राज्य सरकार ने अवैध खनन, भंडारण और परिवहन को रोकने के लिए एक नीति बनाई है। इसके तहत कई उपायों को अपनाया जा रहा है। जिससे प्राकृतिक संसाधनों के दुरुपयोग को रोका जा सके और राजस्व की नुकसान से बचा जा सके। मूणत बोले- 4 महीने पहले जो उत्तर दिया था वही रिपिट कर दिया सदन में कॉपरेटिव सोसायटी का मुद्दा उठाते हुए राजेश मूणत ने कहा कि, कॉपरेटिव सोसायटी के तहत प्रदेश में कितनी संस्थाएं हैं और आपने कमेटी गठित की है। आपने कहा कि कमेटी की दो मीटिंग हो चुकी है। मूणत ने मंत्री केदार कश्यप से कहा कि, आपने 4 महीने पहले इसी विधानसभा के ध्यानाकर्षण में जो उत्तर दिया। उसी प्रश्न का उत्तर आज भी रिपिट कर दिया। मंत्री जी से आग्रह है कि जरा इसकी गंभीरता को समझ लें। प्रदेश में जितनी भी कॉपरेटिव सोसाइटी है, वे एनओसी के लिए भटकते रहते हैं और बीना पैसों के उन्हें एनओसी नहीं मिलता। ये पूरे प्रदेश का मामला है। दो महीने में कमेटी गठित करने की बात कही थी और 4 महीने में वही उत्तर आ रहा है। इसके बाद मंत्री केदार कश्यप ने ऑनलाइन व्यवस्था करने की बात कही।

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