भास्कर न्यूज | हजारीबाग हजारीबाग शहर में नगर निकाय का मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। इस बार के लोकतांत्रिक पर्व में मतदाता उदासीन रहे। सुबह सात बजे से शाम पांच बजे चले 10 घंटे के मतदान के बाद भी मतदान का कुल प्रतिशत 49.96 % रहा महिलाएं आगे रही। वार्ड पार्षद के 164 और मेयर के आठ प्रत्याशियों को मिले वोट मत पेटिका में बंद हो गए हैं। सभी मतपेटी बाजार समिति में बनाए गए वज्र गृह में जमा किए गए। मतदान के बाद अब हर जगह कौन जीतेगा, कौन हार रहा है, की चर्चा प्रारंभ हो गई है। अब लोगों को 27 फरवरी को होनेवाले मतगणना का इंतजार है। हजारीबाग नगर निगम में 36 वार्ड हैं। दो वार्ड 13 और 36 में सिर्फ मेयर के प्रत्याशी के लिए वोट किया गया। उक्त दोनों वार्ड में प्रत्याशी निर्विरोध जीत चुके हैं। मतदान को संपन्न कराने के लिए 160 मतदान केंद्र बनाए गए थे। इनमें आठ सौ से अधिक मतदान कर्मी, पुलिस कर्मी, मजिस्ट्रेट सहित अन्य को लगाया गया था। हजारीबाग डायट परिसर में 180 सुरक्षित मतदान कर्मियों को आपात स्थिति के लिए रखा गया था। रविवार की शाम दो मतदान कर्मी को बीमार होने की स्थिति में सुरक्षित कर्मियों से बदला गया। मतदान को सुचारू और पारदर्शी बनाए रखने के लिए डीसी शशि प्रकाश सिंह, एसपी अंजनी अंजन ने कई मतदान केंद्रों पर पहुंचकर मतदान का जायजा लिया। मतदान के दौरान बूथों पर चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था थी। हजारीबाग रेंज के डीआईजी अंजनी कुमार झा, उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह, एसपी अंजनी अंजन शहर के सभी बूथों पर पहुंचकर वस्तु स्थिति का ज्यादा लेते रहे। मतदान के दौरान कहीं से भी घटना दुर्घटना की सूचना नहीं आई। ना ही कहीं से तकनीकी खामियां मतदान में विलंब का कारण बना। कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी होती रही। 5:00 के पहले तक जो लाइन में खड़े हो गए थे उन्हें मतदान का अवसर मिला। मतदान संपन्न होने के बाद मत पेटियां बाजार समिति स्थित स्ट्रांग रूम में रख दिया गया है। मत पेटियों की सुरक्षा को लेकर स्ट्रांग रूम में पूरी सुरक्षा व्यवस्था की गई है ।सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जिला बल के जवानों को तैनात किया गया है। व्यवस्था ऐसी है कि परिंदा भी पर नहीं मार सके। आज हुए नगर निगम चुनाव 2026 की मतदान प्रक्रिया सम्पन्न होने के उपरांत विभिन्न मतदान केंद्रों से पोलिंग पार्टियां सुरक्षित रूप से लौटकर बाजार समिति परिसर स्थित रिसीविंग सेंटर पहुंच रही हैं। हजारीबाग नगर निगम चुनाव में लोकतंत्र का एक प्रेरणादायक स्वरूप देखने को मिला। इस चुनाव में न केवल युवा बल्कि निशक्त और वृद्ध मतदाताओं ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जिसने यह साबित कर दिया कि शहर की सरकार बनाने के प्रति हर वर्ग में उत्साह और जिम्मेदारी का भाव है। कई मतदान केंद्रों पर 70 से 90 वर्ष तक के वृद्ध मतदाता लाठी, व्हीलचेयर और परिजनों के सहारे मतदान करने पहुंचे। कुछ दिव्यांग मतदाताओं ने बताया कि शारीरिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने मतदान को अपना कर्तव्य समझा और इसलिए घर से निकलकर वोट डाला। प्रशासन द्वारा बनाए गए रैंप, व्हीलचेयर और स्वयंसेवकों की मदद से इन मतदाताओं को मतदान में सुविधा दी गई। वृद्ध निशक्त महिला मतदाता 75 वर्षीय बसंती देवी जबरा बूथ पर व्हील चेयर की मदद से मतदान करने पहुंची। सुबह 9 बजे तक वार्ड 31 से 36 में सबसे अधिक 10.20% मतदान दर्ज किया गया, जबकि वार्ड 13 से 18 में 6.82% के साथ अपेक्षाकृत कम भागीदारी रही। 11 बजे तक यह आंकड़ा 18.2% पहुंचा, दोपहर 1 बजे 30.02% और 3 बजे 40.98% हो गया। जैसे-जैसे दिन ढला, मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें लंबी होती गईं और अंतिम दो घंटों में मतदान ने निर्णायक बढ़त ली। इस बार चुनावी मुकाबला कई वार्डों में कांटे का रहा। विकास, जल निकासी, सड़क, स्ट्रीट लाइट और स्वच्छता जैसे मुद्दों पर प्रत्याशियों ने जोरदार प्रचार किया था। शहर के युवा मतदाताओं और महिलाओं की भागीदारी ने भी चुनाव को खास बना दिया। प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतदान का दावा किया है और सभी मतपेटियों को कड़ी सुरक्षा में स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया है। अब निगाहें 27 फरवरी की मतगणना पर टिकी हैं। क्या शहर बदलाव की राह चुनेगा या फिर पार्टी आधारित चेहरे पर भरोसा दोहराएगा। इसका जवाब तीन दिन बाद मिलेगा, जनता ने लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी दर्ज कर नई नगर सरकार की नींव रख दी है। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम थे, कहीं से भी कोई घटना दुर्घटना नहीं


