6 करोड़ से निर्मित जलमीनार बनी शोभा की वस्तु

भास्कर न्यूज | बागडेहरी कुंडहित प्रखंड के अमलादही पंचायत में जल जीवन मिशन के तहत बनाए गए जलमीनार आज लोगों की प्यास बुझाने के बजाय शोभा की वस्तु बनकर रह गए हैं। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन अमलादही पंचायत में यह सपना अब तक अधूरा ही साबित हुआ है। वर्ष 2023 में शुरू की गई इस योजना के तहत पंचायत के विभिन्न गांवों में जलमीनारों का निर्माण तो करा दिया गया, परंतु जलमीनार से घर-घर तक पाइपलाइन बिछाने का काम आज भी पूरा नहीं हो सका है। इस पूरी योजना पर लगभग 6 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात सामने आ रही है। लोगों ने बताया कि जलमीनार तक पहुंचते हैं और वहां लगे पाइप से पानी भरकर वापस घर ले जाते हैं। योजना आज ग्रामीणों को अतिरिक्त परेशानी झेलने पर मजबूर कर रही है। पंचायत के इन गांवों में जलमीनार खराब जानकारी के अनुसार अमलादही पंचायत में कुल 13 गांव हैं, जिनकी जनसंख्या लगभग 6000 है। इन गांवों में जल जीवन मिशन के तहत दर्जनों जलमीनारों का निर्माण कराया गया है। अमलादही गांव में 4, मगरायडीह में 3, श्रीमतडीह में 2, झापदहा में 2, दलाबड़ में 3, जोड़बहिंगा में 6, फराकुसुम में 2, कालीकापुर में 3, दुधापानी में 3, गोविंदपुर में 1, तिलाबाद में 5 और काटना गांव में 2 जलमीनार बनाए गए हैं। इतने बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य होने के बावजूद जलमीनारों से घरों तक पानी पहुंचाने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। अधिकारी ने कहा – फंड के अभाव में काम प्रभावित सहायक अभियंता विक्रम वर्णवाल ने बताया कि वर्तमान समय में विभाग के पास फंड की कमी है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से संवेदकों को भुगतान नहीं हो पाया है। फंड की अनुपलब्धता के कारण संवेदक काम के प्रति गंभीरता नहीं दिखा पा रहे हैं, जिससे योजनाएं अधर में लटकी हुई हैं। उनका कहना है कि जैसे ही फंड उपलब्ध होगा, कार्य को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *