जिला यूनियन बलरामपुर के प्रबंध संचालक व डीएफओ आलोक बाजपेयी के निर्देशानुसार, आगामी तेन्दूपत्ता सीजन 2026 के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सोमवार को वन परिक्षेत्र कैंपस धमनी (रामचंद्रपुर) में शाखकर्तन और संग्रहण लक्ष्य को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई। इस वर्ष जिले के लिए 1,43,900 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यशाला में अधिकारियों ने बताया कि शासन की मंशानुरूप इस वर्ष संग्राहक परिवारों को 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से संग्रहण राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, गुणवत्तापूर्ण पैदावार सुनिश्चित करने के लिए शाखकर्तन के लिए 70 रुपए प्रति मानक बोरा की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। अन्तरराज्यीय सीमाओं से सटे क्षेत्रों जैसे रामचंद्रपुर, सनावल, दोलंगी और डिण्डो में तेन्दूपत्ता के अवैध व्यापार को रोकने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखंड की सीमाओं पर नाकेबंदी की जाएगी। साथ ही, पात्र संग्राहकों का सर्वे कर नए तेन्दूपत्ता कार्ड बनाने पर भी विस्तृत चर्चा हुई। गर्मी के मौसम को देखते हुए अग्नि नियंत्रण पर विशेष जोर दिया गया। महुआ बीनने वाले ग्रामीणों को सूचीबद्ध कर उनसे शपथ-पत्र लिए जाएंगे ताकि वे वनों में आग न लगाएं। दीवारों पर स्लोगन लेखन और टोल-फ्री नंबरों के प्रचार के माध्यम से जागरूकता फैलाई जाएगी। कार्यशाला में उप प्रबंध संचालक संतोष पाण्डेय, एसडीओ प्रेमचंद मिश्रा और परिक्षेत्र अधिकारी अजय वर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, फड़मुंशी और हाथी मित्र दल के सदस्य उपस्थित रहे।


