अमृतसर | श्री दरबार साहिब के पूर्व ग्रंथी और दमदमी टकसाल के प्रमुख ज्ञानी राम सिंह खालसा ने श्री दरबार साहिब के हैड ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह के बयानों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि श्री दरबार साहिब जैसी जगह पर सेवा करने वाले व्यक्ति को ऐसे बयानों से बचना चाहिए। ज्ञानी राम सिंह खालसा ने कहा कि उन्होंने खुद 11 साल तक श्री दरबार साहिब में ग्रंथी सिंह के तौर पर सेवा की है। ज्ञानी रघबीर सिंह आज शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से जो सवाल पूछ रहे हैं, जिन घोटाले की बात कर रहे हैं यह भी उनके कार्यकाल के दौरान ही हुए थे, तो उन्होंने उस समय आवाज बुलंद क्यों नहीं की। ज्ञानी राम सिंह ने कहा कि जब मुझे सेवा से हटाया गया तो कई लोगों ने मुझे कोर्ट जाने की सलाह दी, मगर मेरा मानना था कि कोर्ट का सहारा लेकर सेवा नहीं की जा सकती। शिरोमणि कमेटी जैसी संस्था को बदनाम करना ठीक नहीं है। गुरु ने सेवा दी और फिर मुझसे वापस ले ली। ज्ञानी रघबीर सिंह से कहना चाहते हैं कि बयानबाजी करके श्री दरबार साहिब के हैड ग्रंथी के पद की इज्जत को कम किया जा रहा है। ज्ञानी रघबीर सिंह को इन झगड़ों और विवादों से बचना चाहिए था।


