नगर पंचायत क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में इन दिनों घुमंतू पशुओं की बढ़ती संख्या से नागरिकों और व्यापारियों की परेशानी बढ़ गई है। नगर के गोल बाजार, सब्जी बाजार और विभिन्न मोहल्लों में मवेशियों के झुंड देखे जा रहे हैं, जिससे आमजन को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। व्यवसायियों का कहना है कि बाजार क्षेत्र में पशु झोले में रखी सामग्री, मोटरसाइकिल की डिक्की में रखी सब्जियां और अन्य खाद्य वस्तुओं को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई बार डिक्की या बैग की चैन खोलकर सामान बिखेर देते हैं। इससे आर्थिक नुकसान के साथ-साथ लोगों में भय बना हुआ है। मुख्य मार्गों पर झुंड में बैठे पशु यातायात बाधित कर रहे हैं और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ पशुपालक ग्रामीण क्षेत्रों से मवेशियों को लाकर नगर में छोड़ दे रहे हैं। देर रात वाहनों में भरकर पशुओं को नगर सीमा में छोड़ने की चर्चा भी सामने आ रही है, जिसके चलते आवारा पशुओं की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। नागरिकों का कहना है कि ऐसे पशुपालकों की पहचान कर उन पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। फसलों को पहुंचा रहे नुकसान: राज्य शासन गौवंश के संरक्षण और संवर्धन को लेकर गंभीर है। नगर में एक गौशाला भी संचालित है, जहां पशुओं के लिए चारा-पानी और उपचार की व्यवस्था उपलब्ध है। इसके बावजूद कुछ पशुपालक मवेशियों को गौशाला भेजने के बजाय खुले में छोड़ देते हैं, जो आमजन के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। घुमंतू पशु न केवल बाजार क्षेत्र में नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि रबी फसल और सब्जी की खेती को भी प्रभावित कर रहे हैं। खेतों में उचित चारा न मिलने के कारण पशु फसलों को नुकसान पहुंचा देते हैं, जिससे किसानों को आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है। तहसील क्षेत्र के कई गांवों और चौक-चौराहों पर भी पशुओं के झुंड बैठे देखे जा सकते हैं, जिससे राहगीरों को आवागमन में कठिनाई होती है।


