दुर्गा चालीसा का अखंड पाठ, नशामुक्ति की रैली ने जगाई सामाजिक चेतना, लोगों ने लिया नशा त्यागने का संकल्प

भास्कर न्यूज| महासमुंद भक्ति, शक्ति और समाज सुधार का अनूठा संगम आज बसना के श्री कृष्ण विदुर भवन प्रांगण में देखने को मिला। तहसील स्तरीय 24 घंटे का श्री दुर्गा चालीसा अखंड पाठ भव्यता और दिव्यता के साथ संपन्न हुआ। शनिवार से प्रारंभ होकर रविवार तक चले इस अनवरत अनुष्ठान ने न केवल पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया, बल्कि समाज को कुरीतियों से मुक्त करने का एक सशक्त संदेश भी दिया। भगवती मानव कल्याण संगठन के इस आयोजन के माध्यम से लोगों को चेतनावान और परोपकारी जीवन जीने की प्रेरणा दी गई। आयोजन के दौरान केशव योगभारती ने समाज की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज समाज के पतन का सबसे बड़ा और मुख्य कारण नशा है। उन्होंने जोर देकर कहा, जब तक समाज इस नशा रूपी अंधकार से मुक्त नहीं होगा, तब तक वास्तविक उत्थान संभव नहीं है। इन सामाजिक बुराइयों को केवल आध्यात्मिक शक्ति और दुर्गा चालीसा पाठ के माध्यम से ही जड़ से मिटाया जा सकता है। अखंड पाठ के समापन से सुबह 9 बजे एक विशाल नशामुक्ति सद्भावना जनजागरण रैली निकाली गई। संगठन के सैकड़ों स्वयंसेवी कार्यकर्ता विदुर भवन प्रांगण से बस स्टैंड तक पैदल चले। हाथों में नशामुक्ति की तख्तियां और जुबां पर समाज सुधार के नारे लिए इन कार्यकर्ताओं ने बसना नगर पंचायत के कोने-कोने में नशामुक्ति का शंखनाद किया। इस मौके पर सागरचंद पटेल, दीपक नायक, रंजीत चंद्राकर, तोषराम, बासुदेव साहू, उर्मिला साव, शैल कुमारी, शिववती, दुलेश्वरी, लक्ष्मी, ज्योति नायक, रेखा चौधरी मौजूद थे। हजारों परिवार नशामुक्त और शाकाहारी जीवन अपना रहे: दिव्य मंत्रोच्चार के बीच मां और गुरुवर की आरती संपन्न हुई। चिंतन की कड़ी में प्रांतीय संगठन मंत्री डॉ. वीरेंद्र चौधरी ने गुरुवर की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाया। उन्होंने बताया कि कैसे संगठन द्वारा 24 घंटे, 5 घंटे और 1 घंटे के आरती क्रम को घर-घर में नि:शुल्क पहुंचाया जा रहा है, जिससे हजारों परिवार नशामुक्त और शाकाहारी जीवन अपना रहे हैं। रोज सैकड़ों परिवार नशे की चपेट में आकर हो रहे बर्बाद वक्ताओं ने कहा कि हर रोज सैकड़ों परिवार नशे की चपेट में आकर बर्बाद हो रहे हैं। इस जहर को समाज से बाहर निकालने के लिए सदगुरुदेव के मार्गदर्शन में भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं ने यह बीड़ा उठाया है ताकि भावी पीढ़ी का पतन रोका जा सके। इस अखंड पाठ का मूल उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका व्यापक लक्ष्य विश्व कल्याण, समाज को नशामुक्त, मांसाहार मुक्त और चरित्रवान बनाना था। चिंतन की इस कड़ी में धनीराम पटेल ने भी अपने विचार रखे। सबसे उत्साहजनक बात यह रही कि कार्यक्रम में आए दर्जनों नए परिवारों ने उसी समय नशा त्यागकर चरित्रवान जीवन जीने का दृढ़ संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में भक्तों को दिव्य शक्ति जल और महाप्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर कुंदन नायक, गणपत पटेल, मीनाक्षी साव, हृदय पटेल, सहित सैकड़ों मां भक्तों ने शिरकत की।

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