नारी शक्ति की प्रतीक और महान समाजसेवी कस्तूरबा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर ग्राम बेलसोंडा में स्वच्छता अभियान चलाया गया। हमर भुइयां पर्यावरण संरक्षक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस वृहद अभियान के माध्यम से पूरे गांव को प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कस्तूरबा गांधी राष्ट्रीय स्मारक ट्रस्ट में बा की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि के साथ हुई। स्वच्छता प्रेमियों और ग्रामीणों को 5 अलग-अलग टोलियों में बांटा गया, जिन्होंने गांव के हर कोने की सफाई की। अभियान के दौरान नेशनल हाईवे 353, पंचायत भवन, बंधुआ तालाब और हाला बंद तालाब के आसपास से भारी मात्रा में घातक प्लास्टिक कचरा एकत्र किया गया। ग्राम बेलसोंडा के चौक-चौराहों से लेकर तालाबों के किनारों तक फैला प्लास्टिक कचरा अब मणि कंचन केंद्र्र भेज दिया गया है। यह अभियान न केवल स्वच्छता का संदेश दे रहा है, बल्कि सामूहिक प्रयासों से गांव को आत्मनिर्भर और रोगमुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अभियान का नेतृत्व कर रही वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. ज्योति कालीकोटी ने ग्रामीणों को पर्यावरण और स्वास्थ्य के बीच के संबंध को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया प्लास्टिक का कचरा केवल गंदगी नहीं, बल्कि कैंसर जैसी घातक बीमारियों का कारक है। यदि यह मिट्टी में रहे तो उर्वरता खत्म करता है और पानी में जाए तो उसे जहरीला बना देता है। कचरे का सही पृथक्करण (गीला और सूखा) ही सुंदर और स्वस्थ समाज की कुंजी है।


