57 करोड़ की 3 मल्टीलेवल पार्किंग का सिस्टम फेल:कमिश्नरेट लागू होने के बाद पहली बार पुख्ता बदलाव लाने के लिए बना रहे रिपोर्ट, कई बदलाव होंगे

शहर के तीन बड़े मल्टीलेवल पार्किंग के बदहाल सिस्टम ने लोगों को परेशान कर दिया है। कलेक्टोरेट की पार्किंग में हर दिन गाड़ियों में तोड़फोड़ की जा रही है। जयस्तंभ चौक की मल्टीलेवल पार्किंग में कब-कौन आ-जा रहा है इसका कोई सिस्टम ही नहीं है। महीने का पास किसे और कब इश्यू किया जा रहा है, इसका अब तक रिकॉर्ड नहीं रखा जा रहा है। जवाहर बाजार की पार्किंग का और बुरा हाल है। यहां मालवीय रोड के रसूखदार कारोबारियों का दबदबा है। कारोबारियों और उनके स्टाफ की गाड़ियां बिना शुल्क दिए ही पार्क हो रही है। यही वजह है कि निगम अब इन पार्किंग भवनों की तस्वीर बदलने में जुट गया है। रायपुर में कमिश्नरेट लागू होने के बाद निगम कमिश्नर ऑफ पुलिस ने अफसरों से रिपोर्ट मांगी है कि इतनी बड़ी पार्किंग होने के बावजूद लोग यहां गाड़ियां खड़ी क्यों नहीं करते और इसे बेहतर बनाने के लिए क्या किया जा सकता है? पार्किंग में पास और फीस सिस्टम को प्रभावी बनाने के लिए शुल्क बढ़ाना या कम करना चाहिए? इस तरह कई बिंदुओं में जांच कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। लाइव: मल्टीलेवल पार्किंग, सड़क पर 2 घंटे में खड़े हो जाते हैं करीब 87 हजार वाहन केंद्र सरकार की एजेंसी राइट्स ने अपने सर्वे में दावा किया था कि अभी जिन तीन जगहों पर मल्टीलेवल पार्किंग बिल्डिंग बनी है वहां हर 2 घंटे में सड़क पर करीब 87 हजार वाहन खड़े रहते हैं। मल्टीलेवल पार्किंग में एक समय में सैकड़ों गाड़ियां खड़ी होने की सुविधा के बावजूद लोग अपनी गाड़ी सड़क पर ही खड़ी कर रहे हैं। इस वजह से बड़ी मल्टीलेवल पार्किंग बनने के बावजूद जयस्तंभ चौक चारों ओर ट्रैफिक जाम या सिस्टम में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया। सर्वे में यह भी बताया गया कि एमजी रोड, बंजारी रोड, पुराना बस स्टैंड, सदर बाजार रोड, गोल बाजार, मालवीय रोड, कोतवाली चौक, रवि भवन, जीई रोड सभी जगहों पर लोग सड़कों पर ही अपनी गाड़ियां खड़ी कर रहे हैं। मल्टीलेवल पार्किंग की क्षमता सैकड़ों में, लोग जाते ही नहीं कलेक्टोरेट पार्किंग
22 करोड़ से बनी छह मंजिला पार्किंग में 406 कार और 140 बाइक की क्षमता है, लेकिन रोज तोड़फोड़ और वाहन चोरी की घटनाएं हो रही हैं। जवाहर बाजार पार्किंग
20 करोड़ की पार्किंग में 246 कार और 400 दोपहिया क्षमता है, रात में अंधेरा रहता है, कारोबारियों का कब्जा, कई गाड़ियां बिना शुल्क खड़ी। जयस्तंभ चौक
15 करोड़ से बनी पार्किंग में 240 कार, 350 दोपहिया क्षमता, लेकिन पास सिस्टम में गड़बड़ी, एक पास पर कई गाड़ियां, एंट्री-एग्जिट जांच नहीं। रिपोर्ट: शहर में यहां पार्किंग बनाने का मिला था सुझाव
राइट्स की रिपोर्ट में कई सड़कों पर पार्किंग भवन बनाने की सलाह दी थी भले ही वो बिल्डिंग छोटी ही क्यों न हो। इसका असर ये होगा कि इन सड़कों या बाजारों में जाने वाले लोग अपनी गाड़ियां इन्हीं पार्किंग वाली जगहों पर खड़ी करेंगे। इसमें एमजी रोड (शारदा चौक से गुरुनानक चौक), सदर बाजार रोड, जीई रोड (जयस्तंभ चौक से शास्त्री चौक), जीई रोड (जयस्तंभ चौक से आजाद चौक) फाफाडीह चौक से रेलवे स्टेशन चौक, शारदा चौक से बंजारी मंदिर और कोतवाली चौक से फायर ब्रिगेड चौक के बीच नई मल्टीस्टोरी पार्किंग बनाने की जरूरत है। सिस्टम में बदलाव होगा
तीनों मल्टीलेवल पार्किंग का उपयोग बेहतर तरीके से हो इसके लिए बड़े स्तर पर योजना में काम हो रहा है। लोग ज्यादा से ज्यादा यहां गाड़ियां खड़ी करें इसके लिए सिस्टम में बदलाव भी होगा।
विश्वदीप, आयुक्त नगर निगम

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