वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सोमवार को विधानसभा में साल 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। चौधरी ने बताया कि प्रदेश में उद्योग क्षेत्र की तुलना में सेवा क्षेत्र में तेजी से ग्रोथ हो रही है, यह प्रदेश के विकास की दिशा में बेहतर संकेत है। राज्य के लोगों की प्रति व्यक्ति आय 1.79 लाख रुपए हो गई है, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में यह 1.62 लाख थी। शेष|पेज 11
उन्होंने बताया कि राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) बाजार मूल्य पर 6 लाख 31 हजार 291 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। यह 2024-25 के त्वरित अनुमान 5 लाख 65 हजार 845 करोड़ रुपए की तुलना में 11.57% की मजबूत वृद्धि है। प्रति व्यक्ति आय में दो अंकों की छलांग सर्वेक्षण के मुताबिक राज्य की प्रति व्यक्ति आय 2024-25 में 1 लाख 62 हजार 848 रुपए थी, जो 2025-26 में बढ़कर 1 लाख 79 हजार 244 रुपए होने का अनुमान है। यह 10.07% की वृद्धि है। विशेषज्ञों का मानना है कि औसत आय बढ़ने के साथ यह देखना जरूरी होगा कि यह वृद्धि सभी वर्गों तक समान रूप से पहुंच रही है या नहीं। उद्योग-कृषि को मजबूत करना चुनौती आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़े बताते हैं कि छत्तीसगढ़ की ग्रोथ अब सेवा क्षेत्र पर ज्यादा निर्भर होती जा रही है। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि उद्योग और कृषि को कैसे समान रूप से मजबूत किया जाए, ताकि रोजगार के अवसर बढ़ें और क्षेत्रीय असमानता न बढ़े। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर एमएसएमई, फूड प्रोसेसिंग, एग्री-बेस्ड इंडस्ट्री और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस बढ़ाया गया, तो यह ग्रोथ ज्यादा समावेशी बन सकती है। सेवा सेक्टर: ग्रोथ का इंजन
2025-26 के अनुमान में सबसे बड़ा संकेत सेवा क्षेत्र से मिलता है। सेवा सेक्टर का योगदान 1 लाख 90 हजार 221 करोड़ रहने का अनुमान है, जो एक साल में 13.15% की वृद्धि दर्शाता है। कुल एसजीडीपी में इसका हिस्सा 46.59% तक पहुंच गया है। सरल भाषा में राज्य में सुविधा क्षेत्र जैसे परिवहन, होटल, व्यापार, पर्यटन, रियल एस्टेट, सरकारी सेवाएं व अन्य गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। छत्तीसगढ़ में अर्थव्यवस्था की पहचान कृषि या खनिज आधारित रही है। उद्योग स्थिर, लेकिन गति अपेक्षाकृत कम
उद्योग क्षेत्र के 2025-26 में 2 लाख 70 हजार 449 करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें 10.26% की वृद्धि दर्ज की गई है। कुल जीएसडीपी में उद्योग का योगदान 32.77% रहेगा। यह संकेत देता है कि बड़े उद्योगों और खनिज आधारित गतिविधियों के बावजूद मैन्युफैक्चरिंग और वैल्यू एडिशन में अभी और निवेश की जरूरत है। कृषि: वृद्धि अच्छी, हिस्सा घटता हुआ
कृषि और इससे जुड़े क्षेत्र 2025-26 में 1 लाख 19 हजार 871 करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। इसमें 12.53% की वृद्धि दिखाई गई है, जो बेहतर संकेत हैं। हालांकि कुल जीएसडीपी में कृषि का हिस्सा 20.64% पर सिमट गया है। इसका अर्थ यह नहीं कि कृषि कमजोर हुई है, बल्कि यह कि अन्य सेक्टर उससे तेज गति से बढ़ रहे हैं। फिर भी यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय बढ़ाने के लिए उत्पादकता और कृषि आधारित उद्योगों पर अतिरिक्त फोकस की जरूरत को रेखांकित करता है। प्रति व्यक्ति आय लगातार बढ़ रही छत्तीसगढ़ में सेवा क्षेत्र में वृद्धि के साथ-साथ प्रति व्यक्ति आय में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। राज्य बनने के बाद पहले बजट के समय 2001-2002 में प्रति व्यक्ति आय 10,125 रुपये से 12,476 रुपये के बीच थी। जबकि 10 साल बाद 2011 में 55180, 2015 में 73590 और 2020 में पहली बार 1,05,089 रुपए हो गई। 2021 में 1,05,778 रुपए, 2022 में 1,18,401 रुपए, 2023 में 1,33,290 रुपए और 2024 में यह बढ़कर 1,47,329 रुपए सालाना हो गई है।


