नेशनल हाईवे 63 से महज 100 मीटर की दूरी पर गिट्टी क्रशर से अब बच्चों की जान सांसत में पड़ गई है। दरअसल दंतेवाड़ा जिले के गीदम ब्लॉक मुख्यालय में संचालित क्रशर प्लांट अब मासूमों की जान के लिए खतरा बन चुका है। गीदम ब्लॉक के मडसे स्थित प्राथमिक शाला में उस समय अचानक हड़कंप मच गया, जब क्रशर प्लांट में हुई जोरदार ब्लास्टिंग के बाद एक बड़ा सा बोल्डर छिटककर स्कूल भवन की छत पर आ गिरा। बोल्डर सीधे छत पर न सिर्फ छिटककर गिरा, बल्कि इससे छत पर बड़ा सा छेद भी हो गया और बोल्डर कमरे के अंदर गिर गया। गनीमत ये थी कि जिस समय ये घटना हुई, उस स्कूल की छुट्टी हो चुकी थी। यही घटना यदि स्कूल के चलने के दौरान होती तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। बताया जाता है कि स्कूल से क्रशर प्लांट की दूरी महज डेढ़ सौ मीटर है। यहां लंबे समय से क्रशर संचालक ब्लास्टिंग कर लाइमस्टोन का दोहन कर रहा है। स्थानीय लोगों की मानें तो ब्लास्टिंग से पहले क्रशर संचालक द्वारा न कोई सूचना दी जाती है और न ही मुनादी ही करवाई जाती है, जबकि नियमों के अनुसार रिहायशी इलाकों में ब्लास्टिंग से पहले मुनादी करवाने के साथ ग्रामीणों को सूचना देना अनिवार्य होता है, लेकिन यहां क्रशर संचालक नियमों की अनदेखी कर रहा है। मडसे प्राथमिक शाला के शिक्षकों ने बताया कि घटना के बाद से बच्चे सहम गए हैं। कई पालकों ने इस घटना के चलते बच्चों को स्कूल भेजना तक बंद कर दिया है। स्कूल प्रबंधन ने प्रशासन से तत्काल दखल देने की मांग की है। नियमों के अनुसार आबादी और शैक्षणिक संस्थानों से सुरक्षित दूरी पर ही ब्लास्टिंग की अनुमति दी जाती है। इस मामले से ग्रामीणों में भी खासा आक्रोश है। जल्द कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी भी दे दी है। बताया जाता है कि गीदम में नेशनल हाइवे 63 के किनारे बीते करीब 9 सालों से इसी तरह क्रशर प्लांट चल रहा है। यहां सुरक्षा मानकों का कोई प्रबंध नहीं किया गया है। क्रशर प्लांट संचालक की लापरवाही ऐसी है कि ब्लास्टिंग से बोल्डर आस-पास करीब 300 मीटर तक छिटककर गिरते हैं। सड़क के दूसरी तरफ संचालित ढाबा के संचालक मुन्ना ने बताया कि बोल्डर उनके ढाबे के अंदर तक छिटककर आ चुके हैं, लेकिन वे किसी तरह बच गए। दंतेवाड़ा। ब्लास्टिंग से इसी तरह बड़े-बड़े बोल्डर गिरते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि ये पहली घटना नहीं है, जब क्रशर से पत्थर छिटककर आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में गिरे हैं। कई बार घरों की छत और आंगन में भी बोल्डर छिटककर गिर चुके हैं। इन हालातों में लोग दहशत में हैं। खास बात ये है कि स्कूल के पास ही सुरक्षा बल का कैंप भी स्थित है। ब्लास्टिंग के दौरान बोल्डर के सीआरपीएफ कैंप परिसर की तरफ भी गिरने की जानकारी मिली है, जिससे जवान भी बाल-बाल बच चुके हैं। जहां गिरा बोल्डर, उसे कराया खाली, अब एक ही कमरे में पांच कक्षाएं : मडसे प्राथमिक शाला के बच्चे स्कूल पहुंचने के बाद भवन में ही दुबक जाते हैं। उन्हें बाहर निकलने से भी डर लगता है। बताया जाता है कि यहां 12 बच्चों की दर्ज संख्या है और 2 शिक्षक यहां कार्यरत हैं, जो दहशत के बीच बच्चों को पढ़ा रहे हैं। जिस कमरे में ब्लास्टिंग से बोल्डर गिरा, उसे खाली कर दिया गया है। अब पूरा स्कूल एक ही कमरे में पहली से पांचवी तक चल रहा है। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर जांच के लिए टीम को भेजा गया है। टीम जांच में जुटी हुई है। जांच में यदि ये सामने आया कि यहां क्रशर प्लांट संचालक नियमों की अनदेखी कर रहा है तो प्लांट बंद करवाया जाएगा। किसी भी स्थिति में नियमों को ताक पर रखकर क्रशर प्लांट का संचालन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।


