राजस्थान क्राइम फाइल्स में आज बात करीब साढ़े छह साल पुराने मर्डर केस की। राजधानी जयपुर में एक बैंक मैनेजर की उस वक्त हत्या कर दी गई, जब वह बैंक से घर लौट रहे थे। बीच सड़क बदमाशों ने उनके सीने में दो गोलियां मारीं। हॉस्पिटल ले गए, लेकिन डॉक्टर बचा नहीं पाए। पुलिस ने मामले में जांच शुरू की। शुरुआत में न कोई सुराग था, न ही संदिग्ध। बाद में हत्याकांड का राज खुला तो हर कोई हैरान रह गया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 19 सितंबर 2018 का दिन
रोशनलाल जयपुर में गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहे के पास स्थित सिटी बैंक की शाखा में ब्रांच मैनेजर थे। हमेशा की तरह उस दिन भी ऑफिस में काम करते-करते रात के साढ़े आठ बज गए थे। ज्यादा काम होने के कारण रोशनलाल शाम की चाय भी नहीं पी सके थे। जोरों की भूख भी लग रही थी। वे जल्द ही घर पहुंच कर फ्रेश होने के बाद डिनर करना चाह रहे थे। रोशनलाल ने बैंक के बाहर पार्किंग में खड़ी अपनी कार निकाली और घर के लिए रवाना हो गए। उनके साथ बैंक का एक स्टाफ भी था। उसे उन्होंने पानीपेच चौराहे पर ड्रॉप कर दिया। रोशनलाल जयपुर के करधनी एरिया में गणेश नगर विस्तार काॅलोनी में पत्नी और बच्चों के साथ रहते थे। रास्ते में उन्हें सिगरेट की तलब लगी। घर से करीब एक किलोमीटर पहले कार रोकी। कार से उतर कर वह दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर के पास एक थड़ी पर सिगरेट लेने गए। सिगरेट पीकर वापस कार में बैठे ही थे कि अचानक स्कूटी पर सवार 2 युवक सामने आ गए। रोशनलाल कुछ समझ पाते इससे पहले एक युवक उनके पास आकर बंदूक निकाली और दो फायर किए। दोनों गोलियां रोशनलाल के सीने में लगीं। इलाज के दौरान दम तोड़ा
यह घटना रात करीब 9 बजे की थी। फायरिंग की आवाज से इलाके में दहशत फैल गई। यह इलाका रोशनलाल के घर के पास था। ऐसे में कुछ लोग उन्हें पहचानते भी थे। लोग रोशनलाल को उनकी ही कार से नजदीकी प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए। यहां डाॅक्टरों ने प्राइमरी ट्रीटमेंट के बाद उन्हें एसएमएस हॉस्पिटल ले जाने के लिए कहा। लोग रोशनलाल को सवाई मानसिंह हॉस्पिटल ले जा रहे थे तो उन्होंने रास्ते में करधनी पुलिस थाने पर रुक कर पुलिस को इस घटना के बारे में बता दिया। इसके बाद थाने में ही खड़ी सरकारी एंबुलेंस से एक पुलिसकर्मी के साथ रोशनलाल को सवाई मानसिंह हॉस्पिटल भेजा गया। साथ ही, उनके परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई। सूचना मिलने पर रोशनलाल की पत्नी निर्मला यादव और उनके कुछ सगे-संबंधी सीधे हॉस्पिटल पहुंच गए। हॉस्पिटल में रात करीब सवा 11 बजे रोशनलाल ने दम तोड़ दिया। पहले से घात लगाकर बैठे थे शूटर
इधर अब तक बैंक मैनेजर पर हुई फायरिंग की जानकारी मिलने पर पुलिस की एक दूसरी टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने फायरिंग करने वाले बदमाशों का पता लगाने के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी के फुटेज खंगाले। पुलिस को रात भर की भागदौड़ के बाद भी बदमाशों का कुछ पता नहीं चला। केवल इतना ही पता चल पाया कि बदमाश पहले से ही घात लगाकर बैठे थे। वे लोग रोशनलाल का बैंक से लौटने का इंतजार कर रहे थे। इसके बाद अगले दिन रोशनलाल के बड़े भाई कोटपुतली निवासी रत्तीराम यादव की रिपोर्ट पर करधनी थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया। पोस्टमाॅर्टम कराने के बाद पुलिस ने शव घर वालों को सौंप दिया। साथ आए कर्मचारी से भी पूछताछ
पुलिस ने रोशनलाल (मृतक) की पत्नी निर्मला सहित परिवार के लोगों और बैंककर्मियों से पूछताछ कर जानने की कोशिश की कि क्या रोशनलाल की किसी से दुश्मनी थी। पुलिस ने बैंक के उस कर्मचारी से भी पूछताछ की, जो रोशनलाल के साथ पानीपेच चौराहे तक आया था। उसने बताया कि रास्ते में चिंकारा कैंटीन के पास रोशनलाल के मोबाइल पर एक फोन आया था, जिस पर वे कुछ देर तक बात करते रहे थे। फोन किसका था, यह उसे पता नहीं। वो पूरा दिन करीब सौ लोगों से पूछताछ, मौका मुआयना और कैमरों की फुटेज की जांच में निकल गया। बावजूद इसके भी रात तक हत्यारों के बारे में कुछ पता नहीं चला। रोशनलाल मूलरूप से जयपुर जिले के कोटपूतली एरिया के रहने वाले थे। उनकी मौत की सूचना मिलने पर उन के गांव से भी कुछ लोग जयपुर आ गए थे। पुलिस ने उनसे भी पूछताछ कर के रोशनलाल के हत्यारों का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन इससे कोई खास मदद नहीं मिल सकी। पत्नी ने दर्ज कराई थी मारपीट की शिकायत
पुलिस की अब तक की जांच में 2-3 मुख्य बातें सामने आईं। एक तो यह कि रोशनलाल बैंक में कमर्शियल वाहनों के लोन मंजूर करते थे। बैंक से लोन देने के अलावा वह ब्याज पर लोगों को अपना रुपया उधार देते थे। रोशनलाल ने कुछ लोगों को मोटी रकम भी उधार दे रखी थी। इसके अलावा यह भी पता चला कि उनका अपनी पत्नी निर्मला से अक्सर झगड़ा होता रहता था। निर्मला ने करीब 4 महीने पहले रोशनलाल द्वारा अपने साथ मारपीट की शिकायत भी पुलिस को दी थी। पुलिस इन तीनों एंगल से इन्वेस्टिगेशन करने में जुट गई। जयपुर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (प्रथम) नितिनदीप बलग्गन के निर्देश पर पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) अशोक कुमार गुप्ता ने अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (प्रथम) रतन सिंह और झोटवाड़ा के सहायक पुलिस आयुक्त आस मोहम्मद के सुपरविजन में करधनी थानाप्रभारी मानवेंद्र सिंह चौहान, मुरलीपुरा, झोटवाड़ा व कालवाड़ के थाना प्रभारियों और इंस्पेक्टर जहीर अब्बास के नेतृत्व में अलग-अलग स्पेशल टीमें गठित कीं। मामले से जुड़े कई सवाल थे, जिनके जवाब अब तक पुलिस को नहीं मिले थे… कल पार्ट-2 में पढ़िए इन सभी सवालों के जवाब…


