छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एनटीपीसी लारा परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन के बदले प्रभावित परिवारों को अब तक नौकरी, बेरोजगारी भत्ता, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं का लाभ नहीं मिला है। प्रभावित लोग लंबे समय से अपनी मांग उठा रहे हैं। मंगलवार को लारा संघर्ष समिति एनटीपीसी के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करेगी। पुसौर विकासखंड में करीब 15 साल पहले जिला प्रशासन ने राज्य की पुनर्वास नीति के तहत स्थानीय किसानों की जमीन अधिग्रहित कर एनटीपीसी लारा परियोजना को सौंप दी थी। इसके बाद भी विस्थापित परिवारों को नियमित रोजगार नहीं मिला। पुनर्वास नीति का पूरा पालन भी नहीं हुआ। कलेक्टर को सौंपा गया था ज्ञापन लारा संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने 19 जनवरी को कलेक्टर को भू-विस्थापित परिवारों की ओर से ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में योग्यतानुसार नियमित रोजगार देने की मांग की गई थी। रोजगार नहीं मिलने की स्थिति में रोजगार गारंटी योजना के तहत पिछले करीब 15 साल का बेरोजगारी भत्ता देने की मांग रखी गई थी। साथ ही अनियमितताओं की जांच की बात भी कही गई थी। इसके बाद भी जिला प्रशासन की तरफ से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मुख्य गेट पर होगा धरना प्रदर्शन ऐसे में लारा संघर्ष समिति मंगलवार को छपोरा स्थित एनटीपीसी लारा परियोजना के मुख्य गेट के सामने धरना प्रदर्शन करेगी। समिति ने आंदोलन की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। समिति ने क्षेत्र के लोगों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों से बड़ी संख्या में धरने में शामिल होने की अपील की है।


