राजसमंद जिले के बड़ा भाणुजा गांव में सोमवार को पालीवाल ब्राह्मण समाज के इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। करीब 735 वर्ष बाद समाज के सात स्वरूपों का ऐतिहासिक महामिलन आयोजित हुआ। अखिल भारतीय पालीवाल ब्राह्मण समाज के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम की शुरुआत भगवान लक्ष्मी नारायण मंदिर के जीर्णोद्धार और ध्वजदंड स्थापना के अवसर पर की गई। 44 श्रेणी सहित विभिन्न स्वरूपों का हुआ विधिवत पदार्पण कार्यक्रम के मुख्य संयोजक भामाशाह एवं समाजसेवी चंद्रशेखर पुरोहित के आह्वान पर पालीवाल समाज की 44 श्रेणी, 24 श्रेणी, नागदा, मेनारिया और बड़ा पालीवाल समाज के ठाकुर जी का विधिवत गांव में पदार्पण हुआ। यह अवसर समाज की एकता और परंपराओं के पुनर्स्मरण का प्रतीक बना। बस स्टैंड पर उमड़ा जनसैलाब, आतिशबाजी और पुष्पवर्षा से स्वागत सुबह से ही गांव के बस स्टैंड पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सातों स्वरूपों के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की गईं। आतिशबाजी और पुष्पवर्षा के बीच हजारों महिला-पुरुष, युवक-युवतियों और बुजुर्गों ने इस ऐतिहासिक महामिलन के दर्शन किए। शोभायात्रा में गूंजे भक्ति गीत स्वागत के बाद बस स्टैंड से मंदिर तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। भक्तिमय भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु नाचते-गाते आगे बढ़े। पूरे गांव में उत्सव और श्रद्धा का वातावरण बना रहा। समाजसेवी चंद्रशेखर पुरोहित ने बताया कि समाज को पुनः एक मंच पर लाने और आपसी एकता को सुदृढ़ करने के संकल्प के साथ इस आयोजन का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक महामिलन ने पूरे समाज को एक जाजम पर एकत्रित कर एकता और सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश दिया।


