ग्लोबल धरोहर, लोकल दीवानगी:2025 में 10 ऐतिहासिक स्थलों पर 1.52 करोड़ पर्यटक पहुंचे, 2024 से 11.78 प्रतिशत ज्यादा; जयपुर में हर 8वां हवामहल और आमेर देखने गया

किलों और हवेलियों के लिए दुनियाभर में पहचान रखने वाले राजस्थान की 10 प्रमुख ऐतिहासिक और वैश्विक धरोहरों को 2025 में 1.52 करोड़ से ज्यादा घरेलू पर्यटकों ने देखा। यह संख्या 2024 के 1.36 करोड़ के मुकाबले 11.78% अधिक है। पर्यटन विभाग के जिला स्तरीय आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में घरेलू पर्यटकों की औसत वृद्धि 9-10% रही, जबकि इन शीर्ष 10 स्थलों पर वृद्धि इससे अधिक दर्ज हुई। आंकड़े बताते हैं कि जयपुर आने वाला हर 8वां पर्यटक हवामहल और आमेर फोर्ट देखने गया, जबकि हर 12वां नाहरगढ़ फोर्ट और जंतर-मंतर पहुंचा। जैसलमेर में हर 5वें पर्यटक ने जैसलमेर किला देखा। उदयपुर में हर 8वां सिटी पैलेस पहुंचा। जोधपुर में हर तीसरा पर्यटक मेहरानगढ़ किले और हर 5वां उम्मेद भवन पैलेस तक गया। चित्तौड़गढ़ में हर 25वां पर्यटक किले तक पहुंचा, जबकि अजमेर में हर 50वां अकबर किला देखने गया। चित्तौड़गढ़ किले में 51.01% और हवामहल में 24.34%पर्यटक बढ़े पिछले एक साल में रैंकिंग में सबसे बड़ा बदलाव चित्तौड़गढ़ किले का रहा, जिसने 51.01% वृद्धि के साथ तीन पायदान की छलांग लगाकर आठवें से पांचवें स्थान पर जगह बनाई। जैसलमेर किला 5.09% गिरावट के बावजूद पहले स्थान पर बना रहा। हवामहल 24.34% वृद्धि के साथ दूसरे, आमेर फोर्ट 13.15% वृद्धि के साथ तीसरे और उदयपुर का सिटी पैलेस 15.69% वृद्धि के साथ चौथे स्थान पर रहा। भास्कर एक्सपर्ट- नीलम शर्मा, होटल एंड टूरिज्म एक्सपर्ट प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन क्षेत्र 12 से 15 प्रतिशत तक योगदान देता है। कृषि और वस्त्र उद्योग के बाद यह तीसरा बड़ा रोजगार क्षेत्र है। पर्यटकों द्वारा खर्च हर रुपया लगभग 13 हाथों से होकर गुजरता है। जयपुर और जोधपुर में पर्यटन बढ़ने से हस्तशिल्प, आभूषण और टेक्सटाइल की मांग तथा होटल-रिजॉर्ट निवेश बढ़ा है।

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