भास्कर न्यूज | सुकमा दंतेवाड़ा और सुकमा जिले के सरहदी गांव परिया, नागलगुण्डा व मूलेर में पुलिया निर्माण को लेकर मंगलवार को विधानसभा में हंगामा हुआ। कोंटा विधायक कवासी लखमा ने काम होने के बाद टेंडर लगाने और पूरी प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप सदन में लगाया। दोनों पुल को लेकर कांग्रेस और सीपीआई ने प्रशासन से लिखित शिकायत कर जांच की मांग की थी, लेकिन संवेदनशीलता का हवाला देकर पीडब्ल्यूडी ने निर्माण जारी रखा। इधर पुल का काम 60 फीसदी होने के बाद टेंडर मंगाया। लगातार शिकायतों के बावजूद विभाग ने टेंडर को रद्द नहीं किया। वहीं निविदा प्रपत्र लेने वाले ठेकेदारों पर दबाव बनाकर फॉर्म वापस करवाए गए हैं। कोंटा विधायक कवासी लखमा ने विधानसभा में पूछा कि सुकमा व दंतेवाड़ा के सरहदी गांव परिया, नागलगुण्डा और मूलेर में पुलिया की प्रशासकीय स्वीकृति कब दी और अनियमितता की शिकायत पर क्या कार्रवाई की। इस पर विभागीय मंत्री अरूण साव ने बताया कि निर्माण के लिए एक भी पैसे का भुगतान अब तक राज्य सरकार ने नहीं किया है। लिहाजा भ्रष्टाचार का सवाल ही नहीं उठता है।


