जीवनदायिनी संकरी नदी को साफ रखने के लिए 5.38 करोड़ रुपए से बना सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम नजर आ रहा है। नगर पालिका कहती है कि प्लांट चालू है और रोज 63 लाख लीटर गंदे पानी की सफाई की जाती है। हकीकत यह है कि प्लांट का एक चेंबर सालों से बंद पड़ा है। कई जगह पाइप लाइन टूटी हुई है। इस वजह से शहर के कई नालों का गंदा व बदबूदार पानी बिना ट्रीटमेंट सीधे संकरी नदी में गिर रहा है। समनापुर पुल के पास यह नजारा साफ देखा जा सकता है। एसटीपी में चार टंकियां बनाई गई हैं। इन्हीं में गंदे पानी की सफाई की प्रक्रिया होती है। लेकिन इनमें से एक चेंबर सालों से बंद है। बताया जा रहा है कि उसमें गाद जम गई है और मशीनों में खराबी है। समय पर मरम्मत नहीं होने से पूरा सिस्टम प्रभावित हो गया है। जब एक हिस्सा बंद रहता है तो प्लांट अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पाता। ऐसे में रोज 63 लाख लीटर पानी शुद्ध करने का दावा सवालों के घेरे में है। नदी किनारे बने पंप हाउस से शहर के 15 बड़े नालों का पानी पाइप लाइन के जरिए प्लांट तक पहुंचाया जाता है। लेकिन कई जगह पाइप लाइन डैमेज है। कहीं से लीकेज हो रहा है, तो कहीं लाइन धंस गई है। इस वजह से गंदा पानी प्लांट तक पहुंचने से पहले ही बहकर फिर नालों या सीधे संकरी नदी में मिल जाता है। समनापुर पुल के पास यह साफ देखा जा सकता है, जहां नाले का पानी बिना किसी ट्रीटमेंट के नदी में गिर रहा है। खुंटू रोड पर पुराना अटल आवास के पास सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट साल 2013 में 5.38 करोड़ की लागत से बना था। शुरुआत में पांच साल तक निजी कंपनी ने संचालन किया। बाद में इसे नगर पालिका को सौंप दिया गया। अब देखरेख और मरम्मत की पूरी जिम्मेदारी पालिका की है। इसके लिए करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी अगर एक चेंबर और कुछ किलोमीटर पाइपलाइन ठीक नहीं हो पा रही है तो यह लापरवाही मानी जाएगी। नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी का कहना है कि नए एसटीपी प्लांट के लिए साढ़े 4 करोड़ रुपए मंजूर हुआ है। रायपुर रोड पर गुरु नाला के पास नया एसटीपी प्लांट बनेगा। उन्होंने बताया कि पुराने प्लांट में भी जरूरी काम कराएंगे। डैमेज पाइप लाइन का सुधार कराया जाएगा।


