मोगा के गांव डाला से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही बस लूट की खबर गलत साबित हुई है। दरअसल, बस में सवारी बैठाने को लेकर विवाद हुआ था। इस विवाद में बस का कंडक्टर घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीआरटीसी बस के कंडक्टर जगसीर सिंह ने बताया कि वे मोगा से संगरूर जा रहे थे और बस यात्रियों से पूरी तरह भरी हुई थी। इसी दौरान एक स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार कुछ लोगों ने एक महिला सवारी को बस में बैठाया और चले गए। कंडक्टर जगसीर सिंह को कुछ शक होने पर उन्होंने स्कॉर्पियो का पीछा किया। जिसके बाद कुछ दूर जब बस रोकी गई, तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। इसी दौरान एक व्यक्ति ने कंडक्टर के सिर पर किसी भारी वस्तु से वार कर दिया, जिससे कंडक्टर जगसीर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। सोशल मीडिया पर वायरल हुई बस लूट की सूचना घायल कंडक्टर जगसीर सिंह का इलाज मोगा के सरकारी अस्पताल में चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बस में किसी भी तरह की लूट नहीं हुई है और सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही खबर पूरी तरह से झूठी है। थाना प्रभारी गुरविंदर सिंह ने भी बस लूट की खबर को गलत बताया। उन्होंने पुष्टि की कि सवारी बैठाने के मामले में झगड़ा हुआ था और कंडक्टर को चोट आई है। पुलिस ने कंडक्टर के बयान दर्ज कर लिए हैं और स्कॉर्पियो गाड़ी वाले व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों की तलाश में दी दबिश जब इस संबंध में थाना मैहना के प्रभारी इंस्पेक्टर गुरविंदर सिंह भुल्लर से बातचीत की, तो उन्होंने कहा कि हमें 112 हेल्पलाइन नंबर से शिकायत मिली थी कि गांव डाला के पास पी.आर.टी.सी. बस के कंडक्टर से स्कॉर्पियो सवार नौजवानों का झगड़ा हुआ है। जिस पर अतिरिक्त थाना प्रभारी प्रीतम सिंह पुलिस पार्टी समेत मौके पर पहुंचे तथा जांच के अलावा आसपास के लोगों से पूछताछ की। उन्होंने लूट की घटना से इनकार करते कहा कि सारे मामले की जांच की जा रही है। बस के कंडक्टर तथा ड्राइवर के बयान दर्ज करने के बाद अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि स्कार्पियो सवार व्यक्ति की पहचान उपरांत बसंत सिंह उर्फ रिंकू निवासी रामूवाला के तौर पर हुई है, पुलिस उसके घर गई थी, लेकिन घर नहीं मिला। जांच जारी है।


