झालावाड़ रोडवेज डिपो को जल्द ही 18 नई बसें मिलेंगी। इन बसों के अप्रैल महीने तक डिपो पहुंचने की उम्मीद है, जिसके लिए जयपुर में टेंडर प्रक्रिया जारी है। इन नई बसों से यात्रियों को राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली जैसे महानगरों तक यात्रा करने में सुविधा मिलेगी। निगम के अनुसार डिपो को ये 18 बसें अनुबंधित आधार पर टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिलेंगी। इन बसों को उन रूटों पर चलाया जाएगा जहां यात्रियों की अधिक मांग है, ताकि झालावाड़ रोडवेज को पर्याप्त यात्री भार मिल सके और कोई नुकसान न हो। कुछ निर्धारित रूटों में झालावाड़ से दिल्ली, मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर और इंदौर और राजस्थान के जोधपुर शामिल हैं। आवश्यकतानुसार अन्य रूटों पर भी बसें चलाई जाएंगी। इन बसों में लग्जरी और बेहतर सुविधाओं वाली बसें शामिल हैं, जिनमें 10 बसें 3/2, 2 स्लीपर एसी, 2 नॉन-स्लीपर एसी, 2 नॉन-एसी 2/2 और 2 एसी 2/2 श्रेणी की होंगी। 33 बसें मांगी थी, 18 आवंटित हुई
झालावाड़ रोडवेज डिपो प्रबंधक पवन कुमार सैनी ने बताया कि डिपो को जल्द 18 बसें मिलने से झालावाड़ की पहुंच बड़े शहरों तक होगी। आमजन और जनप्रतिनिधियों की मांग पर झालावाड़ डिपो ने 33 बसों की मांग की थी, जिसके बाद जयपुर मुख्यालय से 18 नई बसें आवंटित की गई हैं। वर्तमान में झालावाड़ डिपो से प्रतिदिन 55 शिड्यूल बसें संचालित हो रही हैं, जो लगभग 22,000 किलोमीटर का संचालन करती हैं। इन बसों से प्रतिदिन करीब 14,000 यात्री यात्रा करते हैं। बड़े महानगरो में निजी ट्रेवल्स में यात्रा
रोडवेज की ओर से कई बड़े महानगरो में बस सुविधा नहीं होने से निजी ट्रेवल्स में यात्रा करनी पड़ रही है,जो यात्रियों से भारी किराया वसूलते है। वही अनियंत्रित गति के चलते हादसे भी हो रहे है, डिपो के बाहर ही कई निजी ट्रेवल्स के कार्यालय चल रहे है जो नियमानुसार गलत है।इनके कारण रोडवेज डिपो की बसों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है।


