राजस्थान में परिवहन विभाग कार्रवाई के विरोध में निजी बस ऑपरेटर्स ने सोमवार रात 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कोटा में भी रात 12 बजे से प्राइवेट बसों का संचालन बंद कर दिया गया। हालांकि कोटा में प्राइवेट बसों की हड़ताल का मिलाजुला असर देखने को मिला। सुबह 11 बजे तक यात्रियों को सफर करने में परेशानी नहीं हुई। नयापुरा स्थित रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों का फ्लो रोज की तरह सामान्य रहा। ऑपरेटर का कहना है आरटीओ की कार्रवाई के तहत रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट सस्पेंड कर रहा है। लाखों रुपए के चालान किए जा रहे हैं। ऑपरेटर्स ने धमकी की दी है कि पड़ोसी राज्यों से आने वाली बसों को भी नहीं चलने दिया जाएगा और पूर्ण रूप से चक्का जाम रहेगा। बस मालिक संघ कोटा के महासचिव मिर्जा शकील ने बताया कि कोटा में 750 प्राइवेट बसें है। इनमें 200 के करीब स्लीपर बस है। इनमें अधिकतर बसें बालाजी मार्केट में खड़ी है। ये बसें जोधपुर, उदयपुर, दिल्ली, गंगानगर, लखनऊ,इंदौर, कानपुर सहित अन्य रूट पर चलती है। इसके अलावा कोटा-सांगोद, कोटा खानपुर, कोटा-बारां,कोटा-झालावाड़,कोटा-इंद्रगढ़ सहित अन्य लोकल रूट पर भी बसें चलती है। कोटा से रोज 30-35 हजार यात्री इन बसों में सफर करते है। ज्यादातर रूट पर बसें बंद है, जो बस जहां गई, हड़ताल शुरू होने पर वहां ही खड़ी कर दी गई। मिर्जा ने बताया कि हड़ताल की घोषणा शुरू होने से पहले शादी के लिए बुक की गई बसें हड़ताल में शामिल नहीं है, उन्हें छूट दी गई है। हड़ताल घोषणा के बाद की गई बुकिंगों को कैंसिल कर दिया गया है।


