भास्कर न्यूज | राजिम प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन आयोजन राजिम मेला के समापन को दस दिन बीत चुके हैं, लेकिन पैरी नदी पर स्थित ऐतिहासिक लक्ष्मण झूला अब भी बंद पड़ा है। सुबह-शाम खुलने वाला यह प्रमुख आकर्षण ताले में जकड़ा होने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों में भारी निराशा देखी जा रही है। दूर-दराज से पहुंचे कई अतिथियों को बिना झूला देखे ही लौटना पड़ रहा है। एक यात्री ने नाम न छापने के आग्रह के साथ बताया, हम 15 दिनों की छुट्टी लेकर राजिम घूमने आए थे। लक्ष्मण झूला हमारी यात्रा का मुख्य आकर्षण था, लेकिन ताला लगा मिला। बेहद निराश होकर लौटना पड़ रहा है। इसी तरह अन्य पर्यटकों ने भी अपनी व्यथा व्यक्त की और कहा कि मेला समाप्त होने के बाद से झूला पूरी तरह बंद है। पैरी नदी पर बना लक्ष्मण झूला राजिम मंडल का प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थल माना जाता है। मेला अवधि में लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और झूले से नदी व मंदिरों का मनोहारी दृश्य देखते हैं। झूला न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था का भी अहम हिस्सा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि झूला बंद रहने से पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और बाहर से आने वाले यात्रियों के बीच क्षेत्र की छवि खराब हो रही है। कारणों को सार्वजनिक करने की मांग: नगर पालिका और संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने पर झूला बंद रखने को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। श्रद्धालुओं और व्यापारियों ने मांग की है कि झूले को तत्काल खोला जाए या फिर बंद रखने के कारणों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके। राजिम की पहचान आस्था, संस्कृति और पर्यटन से जुड़ी है। ऐसे में प्रमुख स्थलों का बंद रहना न केवल श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है, बल्कि स्थानीय व्यवसायों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। लक्ष्मण झूला शीघ्र खोला जाए। पर्यटक राजिम की सुंदरता देख सकें।


