लखनपुर ब्लॉक के कटिंदा में सरकारी राशन वितरण में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पिछले 5 महीनों से चावल और एक साल से चना-शक्कर न मिलने से आक्रोशित 300 महिलाओं ने सोमवार को कलेक्टोरेट का घेराव किया। आरोप है कि गांव का सरपंच ही राशन दुकान संचालित करता है और लोगों की अज्ञानता का फायदा उठाकर उनके साथ धोखाधड़ी कर रहा है। जेनेविवा एक्का ने कहा कि सरपंच ने घर-घर जाकर ग्रामीणों का अंगूठा लगवाया और बोरे में रेत भरकर कांटे पर तौल करते हुए फर्जी फोटो खिंचवा ली। इन्हीं तस्वीरों को रिकॉर्ड में दिखाकर अफसरों को गुमराह किया गया कि राशन वितरण हो चुका है। विरोध करने पर सरपंच द्वारा ग्रामीणों को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। हैरानी की बात यह है कि कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल का निवास महज 5 किमी दूर होने के बावजूद दबंग कोटेदार जो करना है कर लो की चुनौती दे रहे हैं। महिलाओं ने जांच कर राशन दिलाने की मांग की है। कलेक्टोरेट से निकल रहे कलेक्टर अजीत वसंत की गाड़ी ग्रामीणों ने रोक ली और समस्या बताने लगे। कलेक्टर वसंत ने उन्हें कलेक्टोरेट में ही रुकने को कहा। एक घंटे बाद दफ्तर लौटे, तो ग्रामीण गेट पर ही थे। कलेक्टर ने उनकी समस्या सुनी। इसके बाद लखनपुर तहसीलदार को जांच कर एफआईआर दर्ज कराने कहा। वहीं ग्रामीणों ने कहा कि जब तक सरपंच के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो जाती, वे गांव नहीं लौटेंगे। कटिंदा निवासी जे एक्का ने बताया कि कभी-कभी महिलाओं से ही हाथा-पाई और गाली-गलौज करने लगता है। कई बार शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती। मुझे जनवरी से अब तक का राशन नहीं मिला है। कई महिलाएं हैं, जिन्हें नवंबर का अब तक चावल नहीं दिया है। हम लोग सरपंच बदलना चाहते हैं। मोहर लाल ने बताया कि जब से सोसाइटी सरपंच और उसके रिश्तेदार चला रहे हैं तब से गांव का हर आदमी परेशान है। किसी को समय पर राशन नहीं मिला है। मुझे और मेरे परिवार को चार महीने से राशन नहीं मिला है। घर के सामने तौल वाला मशीन और बोरा में भर कर बालू लाकर फोटो भी खिचता है। अंगूठा लगवाता है लेकिन राशन नहीं देता। ग्रामीणों का आरोप है कि खाद्य विभाग के अफसर न तो दफ्तर में मिलते हैं न ही फोन उठाते हैं। जब खाद्य अधिकारी शिवेंद्र कामटे के मोबाइल नंबर (7999494343) पर अलग-अलग समय पर पांच बार कॉल किया गया। अधिकारी ने फोन रिसीव नहीं किया और न ही दफ्तर पहुंचा। कलेक्टर के हर जनदर्शन में 10 में से चार शिकायतें राशन दुकान से चावल नहीं मिलने की होती हैं। इसके बाद भी जिले के खाद्य अधिकारी दफ्तर से नदारद रहते हैं और फोन तक नहीं उठाते। कलेक्टर दफ्तर जाने वाले गेट पर जब 300 ग्रामीणों ने घेराव किया, तो अफसर हरकत में आए। इसके बाद मौके पर तहसीलदार और फूड अफसर भी पहुंचे और मामले की जांच कराने की बात कही। इससे पहले 10 फरवरी को जनदर्शन में ग्रामीणों ने शिकायत की थी। तब दूसरे ही दिन गांव में इलाके का फूड अफसर पहुंचा था। उसने राशन दुकान संचालक को दो दिन के भीतर दो महीने का राशन देने कहा था। हालांकि इसके बाद भी ग्रामीणों को राशन नहीं मिला। एक दिन पहले राशन नहीं देने पर हुई थी मारपीट गांव में एक दिन पहले राशन नहीं मिलने से परेशान वार्ड-23 के शासकीय राशन दुकान में बवाल और घुट्टापारा दुकान-24 में राशन वितरण को लेकर मारपीट तक हुई थी। समय पर दुकान नहीं खुलने और हितग्राही से बदतमीजी का मामला सामने आया था। हितग्राही और राशन दुकान संचालक की झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। यह स्थिति तब है, जब खाद्य विभाग के पास हर ब्लॉक और जिले में दुकान की जांच करने के लिए इंस्पेक्टर है।


