पंजाब के मोगा शहर के प्रीत नगर इलाके में पिछले कई दिनों से सीवरेज सिस्टम जाम होने के कारण गंभीर स्थिति बनी हुई है। मोगा नगर निगम के अंतर्गत आने वाले इस एरिया में सीवरेज ओवरफ्लो होने से गंदा पानी गलियों और सड़कों पर भर गया है। इससे स्थानीय निवासियों और पैदल राहगीरों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, गलियों में जमा गंदा पानी न केवल उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। गंदे पानी से उठ रही तेज बदबू के कारण इलाके का वातावरण दूषित हो गया है, जिससे लोगों को खाना खाने में भी दिक्कत हो रही है। बुजुर्ग घर में कैद रहने पर मजबूर पैदल चलने वालों को और भी ज्यादा दिक्कत है। नंगे पैर या चप्पल पहनकर घर से बाहर निकलने पर उन्हें गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे पैरों में संक्रमण का खतरा बना हुआ है। निवासियों ने बताया कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं पर इसका सबसे अधिक असर पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों को गंदे पानी से गुजरना पड़ता है, जबकि बुजुर्ग घरों में रहने को मजबूर हैं। संक्रामक बीमारियों को खतरा बदबू और गंदगी के कारण इलाके में मक्खियों-मच्छरों की संख्या बढ़ गई है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। वार्ड निवासियों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या के बारे में नगर निगम अधिकारियों को कई बार सूचित किया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों कमिश्नर और मेयर को जिम्मेदार ठहराया लोगों ने सीधे तौर पर डिप्टी कमिश्नर मोगा, नगर निगम कमिश्नर और मेयर को भी जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि अगर गंदे सीवेज के पानी से कोई भयानक बीमारी फैलती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वार्ड के लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन गलियों में गंदा पानी नदी की तरह बह रहा है, वहां हलके के विधायक, नगर निगम कमिश्नर और मेयर को बस 10 मिनट खड़े होकर दिखाना चाहिए। लोगों का कहना है कि जो भी घर से बाहर निकलता है, वह मुंह पर कपड़ा बांधकर निकलता है, ताकि बदबू से बच सके। प्रीत नगर में रहने वाले पार्षद जीता ने भी प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। सीएम मान को शिकायत देने की बात कही उन्होंने कहा कि कई बार लिखित शिकायत करने के बाद भी अधिकारियों के सिर पर जूं तक नहीं रेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस गंदगी की वजह से कोई छोटा बच्चा, बुजुर्ग या कोई और बीमार पड़ता है, तो इसकी जिम्मेदारी सीधे नगर निगम की होगी। स्थानीय लोगों और पार्षद जीता ने ऐलान किया है कि अगर एक-दो दिन में समस्या का पक्का हल नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और स्थानीय निकाय विभाग को लिखित शिकायत भेजी जाएगी। प्रीत नगर के लोगों की मुख्य मांगें 1) सीवेज लाइनों को तुरंत साफ और रिपेयर किया जाए।
2) गलियों में जमा सीवेज का पानी तुरंत निकाला जाए।
3) इलाके में स्प्रे और सैनिटाइजेशन किया जाए।
4) जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
5) भविष्य में समस्या को रोकने के लिए कोई ठोस समाधान निकाला जाए।


