एससी/ एसटी अधिनियम मामले के विशेष न्यायाधीश मनीष रंजन की अदालत ने मंगलवार को 8 साल पुराने अत्याचार निवारण अधिनियम के साथ भादवि की कई धाराओं के तहत ट्रायल फेस कर रहीं तीन महिलाओं समेत 14 आरोपियों को दोषी ठहराया। साथ ही अदालत ने सभी आरोपियों को उचित चेतावनी देने के बाद रिहा कर दिया। सभी आरोपियों को कोर्ट ने भविष्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया। मामले में प्रतिमा देवी, धनेश्वरी देवी, चमेली देवी, मुकेश कुमार साहू, परमेश्वर हजाम, उज्जवल पोद्दार, उमेश प्रसाद गुप्ता, वीरेंद्र कुमार साहू, चंडी चरण पोद्दार, कंचन दुबे, रॉबिन प्रमाणिक, अमर पोद्दार, राम सुंदर साहू व घनश्याम रविदास को अदालत ने चेतावनी देकर रिहा किया।


