श्रीगंगानगर-हरिद्वार इंटरसिटी का समय बदला:पंजाब जाने वाले यात्रियों को 2 घंटे इंतजार करना होगा, पुराना समय बहाल करने की मांग

श्रीगंगानगर से हरिद्वार जाने वाली दैनिक इंटरसिटी एक्सप्रेस 14815 का प्रस्थान समय 4:20 बजे से घटाकर 4:10 बजे कर दिया गया है। इस बदलाव के कारण रींगस से अरावली एक्सप्रेस 14702 से सुबह 4:15 बजे पहुंचने वाले पंजाब के श्रद्धालु अब हरिद्वार इंटरसिटी नहीं पकड़ पा रहे है। उन्हें 6:10 बजे चलने वाली 12482 दिल्ली इंटरसिटी का इंतजार करना पड़ रहा है। इससे अबोहर, मलोट, बठिंडा, धूरी, बरनाला और पटियाला जाने वाले यात्रियों को करीब 2 घंटे स्टेशन पर रुकना पड़ रहा है। पहले आसान था कनेक्शन खाटूश्याम जी और सालासर धाम की यात्रा से लौटते पंजाब के यात्री रींगस से शाम 7:11 बजे चलने वाली अरावली एक्सप्रेस से सवार होते हैं। यह ट्रेन सुबह 4:15 बजे श्रीगंगानगर पहुंचती है। पहले 4:20 बजे रवाना होने वाली हरिद्वार इंटरसिटी मिल जाती थी। यात्री सीधे अबोहर, मलोट, बठिंडा, धूरी, बरनाला और पटियाला जैसे शहरों तक पहुंच जाते थे। पांच मिनट के बदलाव से बढ़ी दिक्कत अब इंटरसिटी का समय 4:10 बजे कर दिया गया है। ऐसे में अरावली एक्सप्रेस के पहुंचने तक हरिद्वार इंटरसिटी निकल चुकी होती है। यात्रियों को अगली ट्रेन 12482 दिल्ली इंटरसिटी का इंतजार करना पड़ता है, जो सुबह 6:10 बजे चलती है। रातभर की यात्रा के बाद खुले प्लेटफॉर्म पर दो घंटे रुकना पड़ता है। महिलाओं और बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी यात्रियों का कहना है कि ठंड और गर्मी में खुले प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए मुश्किल होता है। कई बार तबीयत बिगड़ने की शिकायत भी सामने आती है। संघ ने समय बहाल करने की मांग की अबोहर के श्री श्याम प्रेमी रेल यात्रा संघ के प्रधान विजय दहूजा ने बताया कि हर महीने ग्यारस पर दर्जनों श्रद्धालुओं का दल खाटूधाम जाता है। वापसी में यह समस्या हर बार सामने आती है। उनका कहना है कि अगर समय फिर से 4:20 बजे कर दिया जाए तो यात्रियों को राहत मिलेगी और रेलवे का राजस्व भी बचेगा। पूर्व मंत्री को अवगत कराया जेडआरयूसीसी के पूर्व सदस्य भीम शर्मा ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री निहालचंद को इस मुद्दे से अवगत कराया गया है। अधिकारियों से बात कर पुराना समय बहाल करवाने की कोशिश की जाएगी। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए समय में संशोधन किया जाए, ताकि धार्मिक यात्रा से लौटने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।

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