झालावाड़ जिले में चलाए जा रहे “अतिक्रमण मुक्त – स्वामित्व युक्त झालावाड़” अभियान के तहत गवर्नमेंट अपर प्राइमरी स्कूल, तोपखाना को लगभग 60 वर्षों बाद अपनी भूमि का विधिवत पट्टा प्राप्त हुआ है। इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यह स्कूल वर्षों से संचालित था और इसके पास भवन भी था, लेकिन भूमि का राजस्व रिकॉर्ड पूर्णतः स्पष्ट नहीं था। इस अस्पष्टता के कारण भविष्य के विकास कार्यों, भवन विस्तार और अन्य शासकीय स्वीकृतियों में तकनीकी बाधाएं उत्पन्न होती थीं। प्रिंसिपल पूनम रौतेला ने बताया कि स्कूल की स्थापना के समय से ही भूमि का उपयोग शैक्षणिक कार्यों के लिए किया जा रहा था, परंतु विधिक रूप से राजस्व अभिलेखों में शिक्षा विभाग के नाम स्पष्ट प्रविष्टि नहीं थी। पट्टा मिलने के बाद अब विद्यालय की भूमि पूर्णतः विधिक संरक्षण में आ गई है, जिससे अतिक्रमण की संभावनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी। इस प्रक्रिया के तहत खसरा नंबर, जमाबंदी, भूमि वर्गीकरण और सीमांकन का विस्तृत परीक्षण कराया गया। सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृति प्राप्त कर विधिवत पट्टा जारी किया गया और राजस्व रिकॉर्ड में शिक्षा विभाग के नाम नामांतरण दर्ज कराया गया। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जिले में कोई भी राजकीय भवन या संपदा भूमि अभिलेख के अभाव में नहीं रहनी चाहिए। उनकी नियमित निगरानी और विभागीय समन्वय के परिणामस्वरूप दशकों से लंबित ऐसे प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। “अतिक्रमण मुक्त – स्वामित्व युक्त झालावाड़” अभियान जिले में सुशासन और सरकारी संपदा के संरक्षण की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रहा है।


