प्रतापगढ़ में सोमवार रात 12 बजे से प्राइवेट बस ऑपरेटर्स की प्रदेशव्यापी हड़ताल शुरू हो गई है। मंगलवार सुबह से ही इसका असर दिखने लगा है। जिला मुख्यालय से संचालित होने वाली लगभग 130 प्राइवेट बसों के बंद होने से शहर और ग्रामीण अंचलों में आवागमन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। सुबह बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ देखी गई, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह हड़ताल जयपुर में हुई राज्यस्तरीय बैठक के निर्णय के बाद शुरू की गई है। बस ऑपरेटर्स का आरोप है कि आरटीओ विभाग द्वारा आरसी सस्पेंड करने, भारी चालान बनाने और धारा 153 के तहत कार्रवाई करने से उनका परिवहन व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। इन्हीं मांगों को लेकर ऑपरेटर्स ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया है। बसों के बंद होने से दैनिक यात्रियों, कर्मचारियों, छात्रों, मरीजों और छोटे व्यापारियों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। कई यात्री सुबह बस स्टैंड पहुंचे, लेकिन बसें न मिलने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। कुछ यात्रियों ने निजी टैक्सी और ऑटो का सहारा लिया, जिससे किराए में भी वृद्धि दर्ज की गई। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों से शहर आने वाले लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्लीपर बस ऑपरेटर्स, टेंपो यूनियन और टैक्सी यूनियन ने भी इस हड़ताल का समर्थन किया है, जिससे परिवहन व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा है। ऑपरेटर्स ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में आमजन की दिक्कतें और बढ़ सकती हैं। वर्तमान में, यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।


